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Home Technology Amazon और OpenAI के बीच हुई 38 अरब डॉलर की क्लाउड डील, अब AI की दौड़ में Amazon पीछे नहीं

Amazon और OpenAI के बीच हुई 38 अरब डॉलर की क्लाउड डील, अब AI की दौड़ में Amazon पीछे नहीं

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Amazon और OpenAI के बीच हुई 38 अरब डॉलर की क्लाउड डील, अब AI की दौड़ में Amazon पीछे नहीं
अमेजन और ओपनएआई के बीच यह क्लाउड डील एआई इंडस्ट्री का सबसे बड़ा पावर शिफ्ट माना जा रहा है.

Amazon OpenAI Deal: ओपनएआई ने अपनी एडवांस्ड एआई जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेजन वेब सर्विसेज (Amazon Web Services) के साथ 7 साल का 38 अरब डॉलर का क्लाउड समझौता किया है. इस करार के तहत OpenAI को अमेजन के डेटा सेंटर्स में मौजूद एनवीडिया प्रोसेसर तक पहुंच मिलेगी, जो अगली पीढ़ी के एआई मॉडल विकास को तेज करेगी.

Amazon और OpenAI के बीच हुआ 38 अरब डॉलर का क्लाउड समझौता अब यह संकेत देता है कि Amazon अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की दौड़ में पिछड़ा हुआ खिलाड़ी नहीं रह गया. यह सौदा Amazon Web Services (एडब्ल्यूएस) की क्लाउड क्षमता, एआई कम्प्यूट ताकत और बड़े पैमाने के डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर विश्वास को मजबूत करता है. पिछले कुछ समय में माइक्रोसॉफ्ट अज्योर और गूगल क्लाउड ने एआई सौदों से बड़ा बढ़त बना लिया था, लेकिन यह समझौता Amazon को फिर से प्रतियोगिता के केंद्र में ला खड़ा करता है.

Amazon OpenAI Deal: एडब्ल्यूएस की वापसी की शुरुआत?

चैटजीपीटी लॉन्च के बाद एडब्ल्यूएस का क्लाउड मार्केट शेयर 34% से घटकर 29% तक चला गया था. निवेशकों को भी लगने लगा था कि Amazon एआई रेस में पिछड़ रहा है क्योंकि कंपनी ने उपभोक्ता-आधारित एआई चैटबॉट या प्रमुख एआई मॉडल समय रहते पेश नहीं किया. लेकिन अब कंपनी बड़े निवेश के साथ तेज गति में आगे बढ़ रही है. बीते महीने ही Amazon ने अमेरिका के इंडियाना में 11 अरब डॉलर का एआई डेटा सेंटर प्रोजेक्ट रेनियर शुरू किया है, जिसमें एंथ्रॉपिक नामक स्टार्टअप अपने मॉडल Amazon के ट्रेनियम चिप्स पर प्रशिक्षण दे रहा है.

Amazon OpenAI Deal: इस समझौते का प्रभाव क्या होगा?

विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता एडब्ल्यूएस की बैकलॉग बुक को करीब 20% तक आगे बढ़ा सकता है. इस घोषणा के बाद Amazon के शेयरों में भी लगभग 5% की तेज बढ़त देखी गई. इसी समय माइक्रोसॉफ्ट ने OpenAI के साथ 250 अरब डॉलर की नई प्रतिबद्धता की है, ओरेकल ने 300 अरब डॉलर का समझौता किया है और गूगल भी एंथ्रॉपिक के साथ दर्जनों अरब डॉलर के चिप करार कर चुका है. यानी एआई कम्प्यूट को लेकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा अब बेहद तीव्र स्तर पर पहुंच चुकी है.

Amazon का आक्रामक निवेश मोड

Amazon एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर क्षमता और कम्प्यूट संसाधनों पर व्यय में बड़ा इजाफा कर रहा है. इस वर्ष पूंजीगत खर्च लगभग 125 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसी कंपनियों के स्तर के बराबर है. विशेषज्ञों के अनुसार OpenAI के साथ यह सौदा Amazon को अपने बढ़ते खर्च की भरपाई और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने की राह बनाता है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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