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Home Rajya पश्चिम-बंगाल जंजीर से बांध कर रखी गयीं ट्रेनें, लगाये गये गुटके भीसंवाददाता, कोलकाताचक्रवाती तूफान रेमाल को लेकर हावड़ा मंडल में रविवार सुबह से ही सतर्कता बरती गयी. दोपहर बाद मौसम का मिजाज बिगड़ते देख रद्द ट्रेनों के साथ-साथ रिजर्व ट्रेनों को भी हावड़ा कारशेड में खड़ा कर दिया गया. जिन ट्रेनों को कारशेड में खड़ा किया गया, उन्हें जंजीरों से बांध कर ताला जड़ दिया गया. इसके साथ ही ट्रेनों के चक्कों के नीचे गुटका लगा दिया गया. हावड़ा मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक राजीव रंजन ने बताया कि वैसे तो हजारों टन भारी ट्रेन को तूफान से विशेष कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन पटरी पर खड़ी रैक तेज हवा के दबाव से रोलिंग ना करने लगे, इसलिए ट्रेन की पटरियों में गुटका लगाया जाता है. श्री रंजन ने बताया कि स्टेशन के ओवरहेड तारों की निगरानी की जा रही है, हावड़ा मंडल के कुल 14 टावर वैन तैनात रहे. इसमें से छह टावर वैन को महत्वपूर्ण सेक्शनों में अलर्ट पर रखा गया.

जंजीर से बांध कर रखी गयीं ट्रेनें, लगाये गये गुटके भीसंवाददाता, कोलकाताचक्रवाती तूफान रेमाल को लेकर हावड़ा मंडल में रविवार सुबह से ही सतर्कता बरती गयी. दोपहर बाद मौसम का मिजाज बिगड़ते देख रद्द ट्रेनों के साथ-साथ रिजर्व ट्रेनों को भी हावड़ा कारशेड में खड़ा कर दिया गया. जिन ट्रेनों को कारशेड में खड़ा किया गया, उन्हें जंजीरों से बांध कर ताला जड़ दिया गया. इसके साथ ही ट्रेनों के चक्कों के नीचे गुटका लगा दिया गया. हावड़ा मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक राजीव रंजन ने बताया कि वैसे तो हजारों टन भारी ट्रेन को तूफान से विशेष कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन पटरी पर खड़ी रैक तेज हवा के दबाव से रोलिंग ना करने लगे, इसलिए ट्रेन की पटरियों में गुटका लगाया जाता है. श्री रंजन ने बताया कि स्टेशन के ओवरहेड तारों की निगरानी की जा रही है, हावड़ा मंडल के कुल 14 टावर वैन तैनात रहे. इसमें से छह टावर वैन को महत्वपूर्ण सेक्शनों में अलर्ट पर रखा गया.

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जंजीर से बांध कर रखी गयीं ट्रेनें, लगाये गये गुटके भीसंवाददाता, कोलकाताचक्रवाती तूफान रेमाल को लेकर हावड़ा मंडल में रविवार सुबह से ही सतर्कता बरती गयी. दोपहर बाद मौसम का मिजाज बिगड़ते देख रद्द ट्रेनों के साथ-साथ रिजर्व ट्रेनों को भी हावड़ा कारशेड में खड़ा कर दिया गया. जिन ट्रेनों को कारशेड में खड़ा किया गया, उन्हें जंजीरों से बांध कर ताला जड़ दिया गया. इसके साथ ही ट्रेनों के चक्कों के नीचे गुटका लगा दिया गया. हावड़ा मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक राजीव रंजन ने बताया कि वैसे तो हजारों टन भारी ट्रेन को तूफान से विशेष कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन पटरी पर खड़ी रैक तेज हवा के दबाव से रोलिंग ना करने लगे, इसलिए ट्रेन की पटरियों में गुटका लगाया जाता है. श्री रंजन ने बताया कि स्टेशन के ओवरहेड तारों की निगरानी की जा रही है, हावड़ा मंडल के कुल 14 टावर वैन तैनात रहे. इसमें से छह टावर वैन को महत्वपूर्ण सेक्शनों में अलर्ट पर रखा गया.

संवाददाता, कोलकाता

चक्रवाती तूफान रेमाल को लेकर हावड़ा मंडल में रविवार सुबह से ही सतर्कता बरती गयी. दोपहर बाद मौसम का मिजाज बिगड़ते देख रद्द ट्रेनों के साथ-साथ रिजर्व ट्रेनों को भी हावड़ा कारशेड में खड़ा कर दिया गया. जिन ट्रेनों को कारशेड में खड़ा किया गया, उन्हें जंजीरों से बांध कर ताला जड़ दिया गया. इसके साथ ही ट्रेनों के चक्कों के नीचे गुटका लगा दिया गया. हावड़ा मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक राजीव रंजन ने बताया कि वैसे तो हजारों टन भारी ट्रेन को तूफान से विशेष कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन पटरी पर खड़ी रैक तेज हवा के दबाव से रोलिंग ना करने लगे, इसलिए ट्रेन की पटरियों में गुटका लगाया जाता है. श्री रंजन ने बताया कि स्टेशन के ओवरहेड तारों की निगरानी की जा रही है, हावड़ा मंडल के कुल 14 टावर वैन तैनात रहे. इसमें से छह टावर वैन को महत्वपूर्ण सेक्शनों में अलर्ट पर रखा गया.

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