[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Rajya पश्चिम-बंगाल ””सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पर जान को है खतरा””

””सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पर जान को है खतरा””

0
””सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पर जान को है खतरा””

सीएम के आदेश पर अमल को लेकर सहमे हुए हैं बांसबेड़िया नपा के चेयरमैन प्रतिनिधि, हुगली मुख्यमंत्री के आदेश पर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के प्रयास में बांसबेड़िया नगरपालिका के चेयरमैन आदित्य नियोगी को अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है. उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में इस आशय की जानकारी दी है. बांसबेड़िया नगरपालिका के वार्ड नंबर 4 में पर्यटन विभाग की आठ एकड़ जमीन में से तीन एकड़ जमीन पर अतिक्रमण होने का आरोप है. आदित्य नियोगी ने तृणमूल कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन अर्जिता शील और उनके पति सत्यरंजन शील पर आरोप लगाया है कि उन्होंने गरीब लोगों को इस जमीन पर बसाया था. वर्तमान में 320 लोग इस जमीन पर निवास कर रहे हैं. नगरपालिका ने उनसे ऑक्युपाई टैक्स लेकर पानी, सड़क और बिजली की व्यवस्था की है और एक कोर्ट पेपर पर यह भी लिखवाया है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाया जा सकता है. मुख्यमंत्री द्वारा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश के बाद हुगली जिला प्रशासन ने इस जमीन की पहचान की है. जिला शासक के निर्देश पर जमीन की मापी की गयी और पर्यटन विभाग के बोर्ड लगाये गये हैं. तीन एकड़ जमीन पर निवास कर रहे लोगों को माइकिंग करके एक महीने के भीतर हटने का आदेश दिया गया. इस संदर्भ में हैंडबिल भी वितरित किये गये हैं. आदित्य नियोगी ने कहा, “मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक कौआ मारकर टांग दो, ताकि अन्य कौए डर जायें. इस कौए को मारने में मेरी जान को खतरा हो सकता है. इससे पहले भी उन्हें गोली मारकर हत्या करने की कोशिश की गयी थी. ” गोली तो लगी थी पर तब जान बच गयी थी. आदित्य नियोगी, जो उस समय के वाइस चेयरमैन थे, उन्होंने कहा कि बोर्ड ने उनकी बात नहीं मानी थी. अब निवासियों से यह कहने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि वाइस चेयरमैन ने उन्हें बसाया था. उन्होंने इस दावे को झूठा बताया. उन्होंने यह भी बताया कि उस क्षेत्र में लगभग पांच लाख रुपये खर्च कर एक कम्युनिटी सेंटर बनाया गया था, जिसका उद्घाटन उन्होंने किया था, क्योंकि सरकारी पैसे खर्च हुए थे. आदित्य नियोगी ने कहा कि उन्हें हत्या के प्रयास से लेकर कई अन्य घटनाओं का सामना करना पड़ा है, इसलिए वे अब डरते नहीं हैं. पार्टी के कुछ पार्षदों द्वारा उनके खिलाफ आरोप लगाये जाने पर उन्होंने कहा कि कुछ पार्षद सरकारी कार्रवाई के खिलाफ उकसा रहे हैं और इन्हें चिन्हित कर पार्टी को जानकारी दी गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel