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Home पश्चिम-बंगाल सिलीगुड़ी बंगाल चुनाव 2026 से पहले अमित शाह का बड़ा वादा- सत्ता में आते ही वापस होंगे गोरखा समाज पर दर्ज सभी पुलिस केस

बंगाल चुनाव 2026 से पहले अमित शाह का बड़ा वादा- सत्ता में आते ही वापस होंगे गोरखा समाज पर दर्ज सभी पुलिस केस

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बंगाल चुनाव 2026 से पहले अमित शाह का बड़ा वादा- सत्ता में आते ही वापस होंगे गोरखा समाज पर दर्ज सभी पुलिस केस

Amit Shah Darjeeling Video Message: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग की पहाड़ियों के लिए बड़ा चुनावी कार्ड खेला है. बुधवार को खराब मौसम के कारण लेबोंग (दार्जिलिंग) न पहुंच पाने के बावजूद अमित शाह ने मालदा से वीडियो संदेश के जरिये पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को संबोधित किया. शाह ने बड़ा ऐलान किया. कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही गोरखा मुद्दे का समाधान उनकी शीर्ष प्राथमिकता होगी. पिछले आंदोलनों के दौरान गोरखा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज किये गये सभी ‘झूठे’ मुकदमे वापस लिये जायेंगे.

21 अप्रैल को सुकना में प्रत्यक्ष मिलूंगा : अमित शाह

अमित शाह ने लेबोंग न पहुंच पाने पर खेद जताते हुए पहाड़ के लोगों से नया वादा किया. उन्होंने कहा- आज मौसम की वजह से नहीं आ सका, लेकिन 21 अप्रैल को कर्सियोंग के सुकना में होने वाली सभा में मैं खुद आऊंगा. वहां पहाड़ी क्षेत्र के विकास का पूरा खाका पेश करूंगा. शाह ने विश्वास जताया कि 5 मई को भाजपा की सरकार बनते ही संवैधानिक दायरे में रहकर गोरखा समस्या का स्थायी समाधान निकाला जायेगा.

ममता बनर्जी पर लगाया असहयोग का आरोप

अमित शाह ने पहाड़ी क्षेत्र की समस्याओं के न सुलझने के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने दावा किया कि पिछले डेढ़ साल में केंद्र ने गोरखा मुद्दे पर तीन बैठकें बुलायीं, लेकिन ममता या उनके प्रतिनिधियों ने एक में भी हिस्सा नहीं लिया. केंद्र ने सभी पक्षों से बात करने के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त किया था, लेकिन ममता बनर्जी ने उन्हें मिलने का समय तक नहीं दिया. पहाड़ियों के ‘सच्चे देशभक्तों’ को ममता बनर्जी न्याय नहीं देना चाहतीं.

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Amit Shah Darjeeling Video Message: पुलिस राज और सिंडिकेट के खात्मे का संकल्प

गृह मंत्री ने पहाड़ और मैदानी इलाकों के लिए भाजपा की रणनीति साझा की. उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत से न केवल घुसपैठ, गुंडागर्दी और सिंडिकेट राज खत्म होगा, बल्कि पहाड़ी क्षेत्र में कायम ‘पुलिस राज’ का भी अंत होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथियों ने पुलिस के जरिये लोगों को डराने की जो परंपरा शुरू की थी, उसे ममता बनर्जी ने और आगे बढ़ाया है.

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दार्जिलिंग का सियासी समीकरण

दार्जिलिंग में 23 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होना है. इस बार टीएमसी ने अनित थापा की भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजेपीएम) के साथ हाथ मिलाया है. भाजपा को बिमल गुरूंग का समर्थन हासिल है और पार्टी इस बार सीधे मैदान में है. शाह का यह वीडियो संदेश ऐसे समय में आया है, जब दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कुर्सियोंग की सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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