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स्कूलों ने की अंशकालिक शिक्षकों की मांग

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स्कूलों ने की अंशकालिक शिक्षकों की मांग

संवाददाता, कोलकाता

उत्तर 24 परगना के कई सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों ने अपने उच्च माध्यमिक सेक्शन में स्थायी शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक से अंशकालिक शिक्षकों की मांग की है. कई हेडमास्टरों ने कहा कि अगर उन्हें अंशकालिक शिक्षक रखने की अनुमति नहीं दी गयी, तो सेमेस्टर सिस्टम में कुछ विषयों की कक्षाएं स्थगित करनी पड़ सकती हैं.

शिक्षक नहीं होने से पठन-पाठन प्रभावित हो रही है. उत्तर 24 परगना के जिला विद्यालय निरीक्षक ने शनिवार को एक सूचना जारी कर अंशकालिक शिक्षकों की नियुक्ति के तौर-तरीकों को अधिसूचित किया. डीआई ने परिपत्र में कहा कि स्कूल अधिकारियों ने हाई स्कूल सेक्शन में विशेष विषय के शिक्षक की सेवानिवृत्ति के बाद अंशकालिक शिक्षक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है. इतना ही नहीं, स्कूल प्राधिकरण ने उच्च अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अंशकालिक शिक्षक को रखा है. इस परिपत्र में तौर-तरीकों के बारे में बताया गया है. विद्यालय प्राधिकरण एक या अधिकतम दो विषयों के लिए अंशकालिक शिक्षक की आवश्यकता के लिए स्टाफ पैटर्न, नामांकन, बायोडाटा और नियोजित किये जाने वाले शिक्षक के सहमति पत्र के साथ डीआई को अनुरोध भेजेगा. आवेदन प्राप्त करने के बाद डीआइ अंशकालिक शिक्षक की नियुक्ति को मंजूरी देंगे.

फिर विद्यालय प्राधिकरण अंशकालिक शिक्षक को 180 दिनों के लिए नियुक्त करेगा. स्कूलों के हेडमास्टरों को कहा गया है कि वे शिक्षक की सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले अंशकालिक शिक्षकों को नियुक्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत करें. कुछ स्कूल हेड्स का कहना है कि उनको अंशकालिक शिक्षकों की व्यवस्था करनी पड़ रही है. हालांकि राज्य सरकार ने स्कूलों को अंशकालिक शिक्षकों को नियुक्त करने की अनुमति दी है, लेकिन इसने इस बारे में कुछ नहीं कहा है कि मानदेय का भुगतान कौन करेगा. कई प्रधानाध्यापकों ने कहा कि स्कूलों के पास इसके लिए धन नहीं है.

इस विषय में एडवांस्ड सोसाइटी फॉर हेडमास्टर एंड हेडमिस्ट्रेस के सचिव चंदन माइती ने कहा कि राज्य उच्च माध्यमिक काउंसिल ने हाल के दिनों में पांच नये विषय शुरू किये हैं. बिना यह जांचे कि स्कूलों में कक्षाएं आयोजित करने के लिए पर्याप्त शिक्षक हैं या नहीं.स्थायी शिक्षकों की भर्ती में रुकावट के बाद स्कूलों के पास अंशकालिक शिक्षकों को नियुक्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

अंशकालिक शिक्षकों को नियुक्त करना एक अस्थायी व्यवस्था है. स्कूल शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से स्थायी शिक्षकों की भर्ती शुरू करनी चाहिए. काउंसिल ने प्लस-2 स्तर पर शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पड़ोसी स्कूलों के साथ शिक्षण स्टाफ साझा करने की योजना को अंतिम रूप दिया है. काउंसिल के एक अधिकारी ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए विभिन्न मॉडल आजमाये जा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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