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Home Rajya पश्चिम-बंगाल ‘रिटायर होने के बाद भी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती’

‘रिटायर होने के बाद भी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती’

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‘रिटायर होने के बाद भी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती’

– जांच अधिकारी को लेकर हाइकोर्ट के न्यायाधीश ने टिप्पणी

– कहा – आरोपी शेख शाहजहां के खिलाफ क्यों नहीं दायर किया आरोप पत्र

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश जय सेनगुप्ता ने सोमवार को संदेशखाली में दोहरे हत्याकांड की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि रिटायर होने के बाद भी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती. साथ ही हाइकोर्ट ने सवाल उठाया कि सभी दस्तावेज होने के बावजूद मुख्य आरोपी शेख शाहजहां के खिलाफ चार्जशीट क्यों जमा नहीं की गयी. शेख शाहजहां का नाम चार्जशीट में क्यों शामिल नहीं किया गया है, इसकी जानकारी मामले की जांच कर रहे पूर्व जांच अधिकारी को अदालत में देनी होगी. सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि राज्य सरकार ने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया था, इसलिए जांच अधिकारी ने क्यों शेख शाहजहां का नाम शामिल नहीं किया, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है.

राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि रिटायर्ड जांच अधिकारी ने पहले क्या किया, इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकते. इसके बाद न्यायाधीश जय सेनगुप्ता ने कहा कि तब को पूर्व जांच अधिकारी को ही बताना होगा कि उसने ऐसा क्यों किया. साथ ही न्यायाधीश ने कहा कि रिटायर होने के बाद भी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती. मामले की अगली सुनवाई 16 मई को हाइकोर्ट में होगी और न्यायाधीश ने उस दिन राज्य सरकार को मामले का केस डायरी अदालत में पेश करने का निर्देश दिया.

मालूम हो कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हाटगाछी क्षेत्र के बूथ नंबर 56 पर भाजपा ने जीत हासिल की थी. तब संदेशखाली में मतदान के ठीक एक हफ्ते बाद प्रदीप मंडल नाम के एक भाजपा कार्यकर्ता की उनके घर पर लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी. प्रदीप मंडल की पत्नी ने शेख शाहजहां, कादर मोल्ला, जियाउद्दीन मोल्ला, ऐफुल मोल्ला सहित अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत की थी. लेकिन आरोप है कि एफआइआर में शेख शाहजहां का नाम पहले था. लेकिन जब कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया, तो पता चला कि शेख शाहजहां का नाम आरोप पत्र में नहीं है.

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