[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Rajya पश्चिम-बंगाल विदेशी प्रजाति के आम के पौधे लगा कर सुर्खियों में हैं पांडुआ के पार्थ

विदेशी प्रजाति के आम के पौधे लगा कर सुर्खियों में हैं पांडुआ के पार्थ

0
विदेशी प्रजाति के आम के पौधे लगा कर सुर्खियों में हैं पांडुआ के पार्थ

हुगली. पांडुआ के बेनेपाड़ा के निवासी पार्थ दे ने विदेशी प्रजातियों के 25 आम के पौधे लगा कर आज सुर्खियों में हैं. उनके आंगन में मियाजाकी जैसे दुर्लभ प्रजाति के आम के पेड़ हैं और फल भी दे रहे हैं. अमेरिकी केंट आम भी पांडुआ बेनेपाड़ा में उग रहे हैं. पार्थ ने घर में आम का बगीचा लगाया है. वह पेशे से केबल ऑपरेटर हैं. उन्होंने अपने घर के बगीचे में मियाजाकी, अमेरिकन केंट चेंगमांग के अलावा विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगाये हैं. बगीचे में माई, बुनाई किंग, येलो आइवरी, बनाना मैंगो जैसे दो फलिया आम भी उग रहे हैं. बगीचे में 25 प्रजातियों के आम के पेड़ हैं. बगीचे में आम के अलावा दुर्लभ केला, वियतनाम के लाल कटहल, आटा (नोना) और सफेदा जैसे पेड़ भी हैं. पार्थ ने कहा : मैंने पेड़ों को कटते देखा, तो मैंने पौधारोपण करने का संकल्प लिया. फल खाने से भेट भी भरता है और पेड़ से पर्यावरण का बचाव भी होता है. पार्थ ने कहा कि उन्होंने लाखों रुपये के फलों के पौधे खरीद कर लगाये हैं. पेड़ों में खाद डाल कर उनकी देखभाल करते हैं.

इस बार उनके बगीचे में आम की पैदावार कम हुई है.

उन्होंने कहा : थाईलैंड आम विशेष प्रजाति का पेड़ है, जो साल भर फल देता है. अमेरिकन केंट का पौधा हावड़ा की एक नर्सरी से 6,500 रुपये में खरीदे कर लाया था. अब वह भी फल दे रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel