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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता जो काम नेताजी नहीं कर पाये, उसे ममता ने कर दिखाया : कुणाल घोष

जो काम नेताजी नहीं कर पाये, उसे ममता ने कर दिखाया : कुणाल घोष

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जो काम नेताजी नहीं कर पाये, उसे ममता ने कर दिखाया : कुणाल घोष

संवाददाता, कोलकाता

मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के जन्मदिन के मौके पर यानी रविवार को पार्टी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने उनकी जमकर तारीफ की. इसी क्रम में उन्होंने सुश्री बनर्जी की तुलना नेताजी सुभाष चंद्र बोस से भी कर डाली. उन्होंने कहा कि “यदि कांग्रेस की बात करें, तो देश की आजादी के पहले अलग पार्टी बनाने पर भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस दलगत राजनीति में सफल नहीं हो सके. वह एक ऐतिहासिक क्रांतिकारी हैं. लेकिन वह संसदीय राजनीति में अपनी पार्टी को खड़ा करने में विफल रहे हैं. जो काम नेताजी नहीं कर पाये, उसे ममता बनर्जी ने कर दिखाया है. सुश्री बनर्जी ने नयी पार्टी बनाकर यानी दलगत राजनीति में सबसे ज्यादा सफलता हासिल की है.” घोष के उक्त बयान को लेकर राज्य की राजनीतिक सियासत भी गरमा गयी है. विपक्षी दलों के नेताओं ने इसकी आलोचना की है. हालांकि, घोष यहीं नहीं रुके.

उन्होंने इस दिन पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि “पूर्व राष्ट्रपति व कांग्रेस के दिवंगत वरिष्ठ नेता प्रणव मुखर्जी भी अपनी अलग पार्टी को खड़ा करने में असफल रहे. परिणामस्वरूप, अगर कोई बंगाल की धरती पर अपनी अलग पार्टी बनाने में सफल हुआ है, तो वह केवल ममता बनर्जी हैं.” श्री घोष के बयान की विपक्षी दलों के नेताओं ने कड़ी आलोचना की है. भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि “कुणाल घोष ने हमेशा ही तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के बारे में विवादास्पद बातें ही कही हैं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तुलना सुश्री बनर्जी से किया जाना एक तरह से बंगाल का अपमान है.” कांग्रेस नेता सौम्या आइच ने श्री घोष के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि “मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह दिन पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी देखने को मिलेगा.” माकपा व एसएफआइ के नेता सृजन भट्टाचार्य ने कहा कि श्री घोष को शायद दोबारा राज्यसभा में जाने की चाहत होगी, तभी वह सुश्री बनर्जी की प्रशंसा में कसीदे पढ़ रहे हैं.

नेताजी को लेकर कुणाल के बयान की सुकांत ने की निंदा

कोलकाता. तृणमूल नेता कुणाल घोष ने ममता बनर्जी की तुलना नेताजी सुभाषचंद्र बोस से कर एक नये विवाद को जन्म दे दिया. कुणाल के इस बयान की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कड़ी निंदा की. उन्होंने सोशिल मीडिया पर लिखा कि कितनी भीषण स्पर्धा है. राजनीतिक अशिक्षा के कारण ही तृणमूल नेता ने नेताजी की असफलता के बारे में विश्लेषण करने का दुस्साहस किया है. उनके बयान ने सभी सीमाओं को पार कर दिया है. देश के अन्यतम स्वतंत्रता सेनानी, आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी के संबंध में इस तरह का आपत्तिजनक बयान देने के बाद भी वह न्यूनतम शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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