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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश है, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय

बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश है, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय

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बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश है, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय

West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मीडिया का एक वर्ग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इस प्रचंड जीत को विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) और मतदाता सूची में हेरफेर का नतीजा बता रहा है, तो चुनाव के ठोस आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.

वोटर कन्विक्शन का नतीजा है भाजपा की प्रचंड जीत

आंकड़ों के गहरे विश्लेषण से साफ है कि भाजपा की यह जीत किसी ‘तकनीकी तालमेल’ का नहीं, राज्य के हर सामाजिक और क्षेत्रीय वर्ग के ‘वोटर कन्विक्शन (मतदाता के दृढ़ निश्चय) का परिणाम है. 130 से ज्यादा सीटों पर 20 हजार से अधिक वोटों का अंतर यह साबित करने के लिए काफी है कि बंगाल की जनता अब बदलाव के मूड में थी.

SIR के दावों में कितना दम?

भाजपा के सोशल मीडिया सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में टीएमसी के आरोपों को खारिज करने के लिए 3 आंकड़ों का सहारा लिया है.

  • जीत का बड़ा अंतर : भाजपा ने 207 सीटों पर जीत हासिल की है. इनमें से 170 से अधिक सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर, मतदाता सूची से हटाये गये कुल नाम से कहीं ज्यादा है.
  • बंपर मार्जिन : 130 से अधिक सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत का अंतर 20,000 वोटों से अधिक है. इतने बड़े मार्जिन को ‘मार्जिनल एडजस्टमेंट’ या सूची से नाम हटाने का नतीजा नहीं माना जा सकता.
  • भ्रम की राजनीति : विशेषज्ञों का मानना है कि टीएमसी अपनी संगठनात्मक विफलता को छिपाने के लिए SIR का सहारा ले रही है, जबकि जनता ने सीधे तौर पर भाजपा के सुशासन को चुना है.

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मुस्लिम इलाके और कोलकाता में चमत्कार

इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर यह है कि भाजपा ने टीएमसी के ‘वोट बैंक’ में सीधी सेंध लगायी है. भाजपा ने ऐसी 12 सीटों पर जीत दर्ज की है, जहां मुस्लिम आबादी 40 प्रतिशत से अधिक है. इनमें से 4 सीटें तो ऐसी हैं, जहां मुस्लिम आबादी 50 फीसदी से भी ज्यादा है. ये सभी सीटें मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे टीएमसी के पुराने गढ़ों से आयी हैं.

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कोलकाता में भाजपा ने किया क्लीन स्वीप

कभी भाजपा के लिए अछूत माने जाने वाले कोलकाता और उसके आसपास के शहरी क्षेत्र की 45 सीटों में से पार्टी ने 35 सीटें जीत ली हैं. 2021 में यहां भाजपा के पास मात्र 1 सीट थी. कोलकाता नगर निगम (KMC) क्षेत्र की 16 सीटों में से भाजपा ने 10 पर कब्जा किया है, जबकि 2021 में यहां भाजपा का खाता भी नहीं खुला था.

उत्तर से दक्षिण बंगाल तक ‘भगवामय’

पश्चिम बंगाल के हर कोने में भाजपा का परचम लहरा रहा है. लोकसभा क्षेत्रों के अनुसार प्रदर्शन देखें तो, तो जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, राणाघाट, आरामबाग, तमलूक, कांथी, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, बर्धमान पूर्व और आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है.

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West Bengal Election Result 2026: इन जिलों में भाजपा की पकड़ हुई मजबूत

कूचबिहार, दार्जिलिंग, उत्तर 24 परगना के बनगांव और बैरकपुर, हुगली, मेदिनीपुर और बर्धमान-दुर्गापुर में भी पार्टी का स्ट्राइक रेट शानदार रहा. कोलकाता उत्तर और दक्षिण की 8 सीटों पर जीत के साथ डायमंड हार्बर में भी उपस्थिति दर्ज कराकर भाजपा ने संकेत दिया है कि अब कोई भी क्षेत्र टीएमसी के लिए सुरक्षित नहीं है.

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नये युग में बंगाल की राजनीति : मालवीय

अमित मालवीय ने लिखा है कि बंगाल का यह जनादेश स्पष्ट करता है कि बंगाल की राजनीति अब एक नये युग में प्रवेश कर चुकी है. यह जीत व्यापक और गहरी है, जो बंगाल के भविष्य को नयी दिशा देगी. अब यह साफ है कि 2029 की दिल्ली की राह पश्चिम बंगाल से होकर ही गुजरेगी.

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बंगाल चुनाव परिणाम 2026: सबसे पहले इन 3 सीटों पर जीती भाजपा, तृणमूल का भी खाता खुला

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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