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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता शुभेंदु सरकार में थर-थर कांपे तृणमूल के सिपहसालार, ग्रामीणों के घर जाकर लौटा रहे ‘कट मनी’

शुभेंदु सरकार में थर-थर कांपे तृणमूल के सिपहसालार, ग्रामीणों के घर जाकर लौटा रहे ‘कट मनी’

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शुभेंदु सरकार में थर-थर कांपे तृणमूल के सिपहसालार, ग्रामीणों के घर जाकर लौटा रहे ‘कट मनी’

WB Political Shift: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कार्यभार संभालते ही राज्य के ग्रामीण इलाकों में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है. कल तक जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय दबंग और गुंडे सरकारी योजनाओं के नाम पर गरीब ग्रामीणों से वसूली करते थे, आज वही नेता जेल जाने के डर से नकद वापस करने के लिए ग्रामीणों के पैरों में गिर रहे हैं.

रिक्शा पर लाउडस्पीकर बांधकर करायी जा रही मुनादी

कूचबिहार जिले के माथाभंगा (Mathabhanga) उपमंडल से एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आयी है, जिसने पूरे राज्य के सियासी हलकों में खलबली मचा दी है. यहां बकायदा रिक्शे पर लाउडस्पीकर बांधकर मुनादी करायी जा रही है कि जिनसे भी कमीशन में ‘कट मनी’ ली गयी थी, वे आकर अपना पैसा वापस ले जायें.

मकान के बदले ली थी घूस, अब मंदिर में चढ़ रहा प्रसाद

माथाभंगा के सुभाषपल्ली इलाके और पचगढ़ पंचायत के फकीरेरकुठी गांव में जो दृश्य दिखा, उसकी कल्पना पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के दौरान कोई कर भी नहीं सकता था. रविवार और सोमवार को फकीरेरकुठी गांव के दर्जनों गरीब ग्रामीणों को उनके घर बुलाकर ली गयी रिश्वत की रकम वापस की गयी.

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मंदिर में गूंजे घंटे, लोगों की आंखों में आये आंसू

आवास योजना (Awas Yojana) के तहत पक्का मकान पाने के लिए जिन ग्रामीणों ने अपनी गाढ़ी कमाई की रकम टीएमसी के दलालों को सौंप दी थी, उन्हें जब सोमवार को उनके पूरे पैसे वापस मिले, तो उनकी आंखों में आंसू आ गये. ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और मिठाई बांटी.

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WB Political Shift: लाउडस्पीकर से 4 जून की डेडलाइन का ऐलान

सबसे हैरान करने वाला नजारा माथाभंगा के घुघुमारी इलाके में देखने को मिला. यहां एक रिक्शे पर बकायदा लाउडस्पीकर (Megaphone) लगाया गया और पूरे इलाके में घोषणा की गयी कि जिन ग्रामीणों से आवास योजना के फॉर्म जमा करने के नाम पर कमीशन लिया गया था, वे 4 जून को सुबह सीधे पंचायत सदस्य के आवास पर पहुंचकर अपनी पूरी रकम वापस ले जायें.

2021 की जीत के बाद शुरू हुआ था ‘वसूली राज’

स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने कैमरे के सामने आकर उन खौफनाक दिनों के राज उगले हैं, जब तृणमूल के दलालों का डंडा चलता था. लोगों का दावा है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद माथाभंगा में बिना ‘कट मनी’ के पत्ता भी नहीं हिलता था. सरकारी मकान चाहिए, अपनी ही जमीन बेचनी हो, नया मकान बनाना हो या छोटा-मोटा व्यापार चलाना हो, टीएमसी नेताओं की जेब गर्म करना जरूरी था.

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गुंडों से हमारा लेना-देना नहीं : टीएमसी

माथाभंगा में सरेआम लाउडस्पीकर बजने और कट मनी वापस होने की इस शर्मनाक घटना के बाद कूचबिहार जिला तृणमूल कांग्रेस बैकफुट पर आ गयी है. अपनी साख बचाने के लिए जिला टीएमसी नेतृत्व ने एक बयान जारी कर इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है. कहा कि पार्टी का ग्रामीणों या स्थानीय व्यापारियों से इस तरह की अवैध रूप से धन वसूली (Extortion) करने वाले तत्वों से कोई लेना-देना नहीं है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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