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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता चाय बागान श्रमिकों के लिए 313.30 करोड़ की योजना को मंजूरी, शुभेंदु अधिकारी ने किया ऐलान

चाय बागान श्रमिकों के लिए 313.30 करोड़ की योजना को मंजूरी, शुभेंदु अधिकारी ने किया ऐलान

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चाय बागान श्रमिकों के लिए 313.30 करोड़ की योजना को मंजूरी, शुभेंदु अधिकारी ने किया ऐलान

कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट

Suvendu Adhikari Gift: उत्तर बंगाल के चाय बागान श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को ऐलान किया कि राज्य सरकार ने ‘प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना’ (PMCSPY) के क्रियान्वयन को अंतिम रूप दे दिया है.

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक

राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में शनिवार शाम को हुई राज्य स्तरीय समिति (SLC) की उच्चस्तरीय बैठक में 313.30 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी. इस प्रस्ताव को अब अंतिम मंजूरी के लिए टी बोर्ड ऑफ इंडिया (Tea Board of India) के माध्यम से भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय की स्टीयरिंग कमेटी के पास भेजा जा रहा है.

किस क्षेत्र को कितना मिला फंड?

इस 313.30 करोड़ रुपए की विशाल परियोजना को विभिन्न बुनियादी घटकों में विभाजित किया गया है, ताकि श्रमिकों के जीवन स्तर को सीधे तौर पर सुधारा जा सके.

योजना का नामराशि
चाय श्रमिक शिक्षा योजना (CSSY)177 करोड़ रुपए (सबसे बड़ा हिस्सा)
चाय श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (CSSSY)72 करोड़ रुपए
चाय श्रमिक आश्रय योजना (CSAY)63 करोड़ रुपए
टी बोर्ड PMU, समन्वय व संचार1.30 करोड़ रुपए

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शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में होगा कायाकल्प

177 करोड़ रुपए से शिक्षा व्यवस्था के ढांचे को मजबूत किया जायेगा. इसके तहत स्कूलों की बिल्डिंग, क्लासरूम और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष शैक्षिक हस्तक्षेप किये जायेंगे. 72 करोड़ रुपए से आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जायेंगी. चाय बागान के दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया जायेगा. बागान श्रमिकों को उनके घर के पास ही बेहतर इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा.

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63 करोड़ से बनेंगे 321 अल्ट्रा-मॉडर्न रेस्टिंग शेड

इस योजना की सबसे खास विशेषताओं में से एक है, चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए 321 आधुनिक रेस्टिंग शेड (Resting Sheds) का निर्माण. इनमें से 88 शेड पहाड़ी क्षेत्रों में और 233 शेड मैदानी इलाकों में बनाये जायेंगे. संशोधित PWD एसओआर के तहत मैदानी इलाकों में प्रति शेड 19.11 लाख रुपए और पहाड़ी क्षेत्रों में प्रति शेड 21.09 लाख रुपए का खर्च आयेगा.

सिरेमिक फर्श वाले शौचालय और अन्य सुविधाएं

इन शेड्स में सिरेमिक फर्श वाले आधुनिक शौचालय, बिजली, पंखे, भोजन कक्ष में सिरेमिक टाइल्स और ऑफ-ग्रिड रूफटॉप सोलर सिस्टम (Solar System) जैसी वीआईपी सुविधाएं होंगी. मैदानी इलाकों में सोलर वाटर पंप के साथ भूमिगत बोरिंग होगी, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक झरनों से पानी लाकर सीमेंट टैंकों के जरिए सप्लाई दी जाएगी.

Suvendu Adhikari Gift: उत्तर बंगाल विकास विभाग को बनाया नोडल एजेंसी

योजना को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के लिए उत्तर बंगाल विकास विभाग (NBDD) को मुख्य नोडल एजेंसी बनाया गया है. एनबीडीडी एक विशेष प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन कर टी बोर्ड के साथ तालमेल बिठायेगा. बुनियादी ढांचे के निर्माण में पश्चिम बंग समग्र शिक्षा मिशन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भी सक्रिय रूप से सहयोग करेंगे. बैठक में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर के जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि वे योजनाओं का समयबद्ध और सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करें.

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