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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता ‘पुलिस तत्परता दिखाती, तो बच सकती थी बेटे की जान’

‘पुलिस तत्परता दिखाती, तो बच सकती थी बेटे की जान’

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‘पुलिस तत्परता दिखाती, तो बच सकती थी बेटे की जान’

कोलकाता. सॉल्टलेक दो नंबर गेट के पास दो बसों के बीच आगे निकलने की होड़ में एक बस के धक्के से एक छात्र की हुई मौत के मामले में मृत बच्चे की मां ने पुलिस पर असहयोग का आरोप लगाया है. मृत आयुष पाइक (11) की मां ने कहा कि अगर पुलिस तत्परता दिखाती, तो उनका बेटा बच सकता था. उन्होंने कहा कि अस्पताल में बच्चे का इलाज नहीं हुआ. जख्मी बच्चे को बचाने के लिए पुलिस से मदद मांगी. लेकिन कोई आगे नहीं आया. किसी तरह से अस्पताल ले गयी, तो वहां इलाज नहीं हुआ. इस कारण बेटे की मौत हो गयी.

उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद बेटा अचेत हो गया था. पुलिस से मदद मांगी लेकिन कोई मदद नहीं मिला. अंत में एक ऑटो चालक ने मदद का हाथ बढ़ाया. ऑटो से बच्चे को एक नर्सिंग होम ले गयी. पहले सिर पर बैंडज कर ऑक्सीजन दिया गया. लेकिन नर्सिंग होम में आइसीयू नहीं था, जिस कारण अंत में बेलियाघाटा के एक नर्सिंग होम में ले जाना पड़ा, जहां उसकी मौत हो गयी. मालूम हो कि 215ए रूट की दो बसों में आगे निकलने की होड़ में मंगलवार को एक बस ने स्कूटी को टक्कर मार दी थी, जिसमें एक स्कूल छात्र की मौत हो गयी.

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