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बंगाल में नहीं है कानून का राज : जेपी नड्डा

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बंगाल में नहीं है कानून का राज : जेपी नड्डा

कोलकाता/नयी दिल्ली.

केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज समाप्त हो गया है और राज्य सरकार न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान नहीं करती. उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए नड्डा ने कहा कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर पैदा हुई स्थिति के लिए राज्य सरकार खुद जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कानून के अनुसार काम कर रही है. गौरतलब है कि जेपी नड्डा तृणमूल कांग्रेस के नेता सुखेंदु शेखर राय के सवाल का जवाब दे रहे थे. तृणमूल सांसद ने एसआइआर के नाम पर बंगाल में दबावपूर्ण कदम उठाने का आरोप लगाया है. तृणमूल सांसद के आरोपों पर श्री नड्डा ने कहा कि उनका (राय का) कहना है कि क्यों एक महिला मुख्यमंत्री को दंडित किया जा रहा है और क्यों इतने कठोर कदम उठाये जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि पश्चिम बंगाल देश का ऐसा राज्य बन गया है, जहां नियम-कानून नदारद हैं. कानून का शासन पूरी तरह खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और राजनीतिक मर्यादाओं का सम्मान नहीं किया जाता और न्यायपालिका को भी धमकाया जाता है. श्री नड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि हाल में एक महिला मुख्यमंत्री ने देश की महिला राष्ट्रपति का भी अपमान किया है. उन्होंने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री ने भारत के राष्ट्रपति पद का अपमान किया है. उस पद पर एक महिला हैं और वह आदिवासी हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री का कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं, न्यायपालिका का कोई सम्मान नहीं, निर्वाचन आयोग का कोई सम्मान नहीं, और सबको धमका रही हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह उनकी अपनी हरकत है. और चूंकि भारत सरकार कानून के राज के आधार पर काम करती है, तो यह सब इसी वजह से हो रहा है.

तृणमूल सांसद ने एसआइआर के नाम पर बंगाल में दबावपूर्ण कदम उठाने का लगाया है आरोप

तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पूरक प्रश्न में आरोप लगाया कि एसआइआर के नाम पर पश्चिम बंगाल में दबावपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं. उन्होंने केंद्र सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल भेजे जाने की भी मांग की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले पांच दिनों से कोलकाता की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन क्यों कर रही हैं. पूरक प्रश्न पूछते हुए श्री राय ने कहा कि केंद्र सरकार सहकारी संघवाद की बात करती है, इसलिए उसे यह देखना चाहिए कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री लाखों भारतीयों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर हैं. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह जांच करे कि केवल बंगाल में ही एसआइआर के नाम पर ऐसे कदम क्यों उठाये गये?

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