खास बातें
Shams Iqbal Anil Arrested: कोलकाता के मटियाबुर्ज और गार्डनरीच इलाके के चर्चित हाई-प्रोफाइल रंगदारी मामले में सोमवार को बेहद नाटकीय और अप्रत्याशित मोड़ आ गया. कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व प्रभावशाली पार्षद शम्स इकबाल उर्फ अनिल को 2023 के कथित वसूली मामले में सुबह गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद कोलकाता की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी. उन्हें तब राहत मिली, जब शिकायतकर्ता व्यवसायी ने अचानक अपने सारे आरोप वापस ले लिये.
कोर्ट रूम में पलट गया पूरा मामला
गार्डनरीच थाने की पुलिस ने शम्स इकबाल अनिल को रंगदारी वसूलने और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था. दोपहर में उन्हें कोलकाता की अलीपुर अदालत (Alipore Court) में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान मामले में तब नया मोड़ आया, जब शिकायतकर्ता मोहम्मद शादाब ने कोर्ट में लिखित हलफनामा (Affidavit) दाखिल कर कहा कि वह पूर्व पार्षद के खिलाफ आपराधिक मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते.
आपसी गलतफहमी के कारण हुआ था विवाद : वकील
अदालत में जिरह के दौरान शिकायतकर्ता व्यवसायी के वकील ने जज के सामने कहा- मेरे मुवक्किल मोहम्मद शादाब और पूर्व पार्षद शम्स इकबाल अनिल के बीच लंबे समय से बेहद करीबी कारोबारी संबंध रहे हैं. यह पूरी शिकायत दोनों पक्षों के बीच व्यावसायिक लेन-देन में हुई एक गलतफहमी (Misunderstanding) के कारण दर्ज करायी गयी थी. यह मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है. मेरे मुवक्किल को आरोपी से कोई शिकायत नहीं है. कोर्ट ने आपसी समझौते और अनुरोध को स्वीकार करते हुए अनिल को तुरंत जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया.
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कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई थी कार्रवाई, जांच जारी रहेगी : पुलिस
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी को रविवार रात हिरासत में लिया था और सोमवार को गिरफ्तार किया. मामला वर्ष 2023 का था, जिसमें शादाब ने आरोप लगाया था कि अनिल और उसके 2 साथियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर 70 लाख की रंगदारी वसूली थी. पुलिस अधिकारी ने कहा- अदालत के समक्ष शिकायत वापस लेना दोनों पक्षों का निजी निर्णय है. जांच एजेंसी कानून के दायरे में रहकर अदालत के अगले निर्देशों के अनुसार ही अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.
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अब तक गिरफ्तार 10 पार्षदों की पूरी लिस्ट
- शम्स इकबाल उर्फ अनिल (वार्ड 134 – पूर्व पार्षद): 70 लाख रुपए की जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी के आरोप में गार्डनरीच पुलिस ने किया गिरफ्तार. हालांकि, कोर्ट में शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली, जिससे अनिल को जमानत मिल गयी.
- सुष्मिता भट्टाचार्य (वार्ड 63): एक बुजुर्ग से लगभग 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी और रंगदारी के आरोप में अपने पति के साथ गिरफ्तार.
- बाप्पादित्य दासगुप्ता (वार्ड 101): जमीन पर कब्जा और जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार.
- तारकेश्वर चक्रवर्ती (वार्ड 104 – पूर्व पार्षद): रंगदारी, जालसाजी और महिला से छेड़छाड़ के आरोपों में गिरफ्तार.
- सचिन सिंह (वार्ड 36): रंगदारी और अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार.
- महेश कुमार शर्मा (वार्ड 42): बड़ाबाजार पुलिस स्टेशन ने भ्रष्टाचार और रंगदारी के आरोपों में गिरफ्तार किया.
- अरिजीत दास ठाकुर (वार्ड 106 – पूर्व पार्षद): रंगदारी के एक मामले में गिरफ्तार.
- सुदीप पोली (वार्ड 123): जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार.
- स्वप्न समद्दार (वार्ड 56 – पूर्व पार्षद): विभिन्न आपराधिक मामलों में गिरफ्तार.
- मोहम्मद जसीमुद्दीन : तृणमूल कांग्रेस के पार्षद मो जसीमुद्दीन को एक नाबालिग की यौन प्रताड़ना के आरोप में गिरफ्तार किया गया.
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