[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता तारातला में निर्माणाधीन गोदाम का छत गिरने के बाद अब हुगली में स्कूल भवन का हिस्सा ढहा

तारातला में निर्माणाधीन गोदाम का छत गिरने के बाद अब हुगली में स्कूल भवन का हिस्सा ढहा

0
तारातला में निर्माणाधीन गोदाम का छत गिरने के बाद अब हुगली में स्कूल भवन का हिस्सा ढहा

School Building Collapsed West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला में एक निर्माणाधीन गोदाम का छज्जा गिरने के अगले ही दिन हुगली जिले में एक निर्माणाधीन स्कूल भवन का हिस्सा ढह गया. घटना पुरसुरा प्रखंड के श्रीरामपुर का है. यहां कैलाशचंद्र साधुखां हाई स्कूल में एक निर्माणाधीन भवन का हिस्सा अचानक ढह जाने से इलाके में हड़कंप मच गया. निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही दीवार ढहने के बाद भवन निर्माण की गुणवत्ता, प्रशासनिक निगरानी और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं है. लंबे समय से चल रही अनियमितताओं का नतीजा है. ग्रामीणों ने शुरू से ही निर्माण में इस्तेमाल हो रही बालू, सीमेंट और ईंट की गुणवत्ता पर सवाल उठाये थे. बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसकी वजह से हादसा हुआ है. क्षेत्र के लोगों ने भविष्य में यहां पढ़ने वाले छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी है.

भाजपा ने की जांच की मांग, स्कूल प्रबंधन भी असंतुष्ट

स्कूल भवन का एक हिस्सा गिरने के बाद राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गयी है. भाजपा नेता और पंचायत सदस्य शुभंकर चक्रवर्ती और संदीप जाना ने आरोप लगाया कि परियोजना के टेंडर से लेकर निर्माण कार्य तक बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. स्कूल प्रबंधन ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर असंतोष जताते हुए कहा कि संबंधित अभियंताओं को पहले ही शिकायतों से अवगत कराया गया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

School Building Collapsed West Bengal: स्वतंत्र तकनीकी जांच और वित्तीय ऑडिट की मांग

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच, निर्माण सामग्री की लैब टेस्टिंग और परियोजना का वित्तीय ऑडिट हो. घटना के बाद इस मामले में बीडीओ के हस्तक्षेप की मांग उठी है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों पर क्या कदम उठाता है.

इसे भी पढ़ें

कोलकाता : तारातला गोदाम हादसे में मृतकों की संख्या 11 पहुंची, रडार की मदद से मलबे में तलाशे जा रहे लोग

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम हादसे के बाद क्यों चर्चा में है बेहरा ब्रदर्स?

कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से 5 मरे, रेस्क्यू में ली गयी सेना की मदद, 3 गिरफ्तार, देखें Photos

शुभेंदु अधिकारी ने भरी सदन में लहरा दिया कागज, तारातला मामले में किया फिरहाद हकीम का पर्दाफाश

Previous article सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने की मुहिम फिर होगी तेज, गढ़वा उपायुक्त ने दिए सफाई के निर्देश
Next article जहानाबाद में पेड़ से टकराई बाइक, दो युवकों की मौत, दो अन्य गंभीर रूप से घायल
Avatar Of Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel