[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता ब्यूटी पार्लर वाली दीदी और RSS की खामोश गूंज, जानें कैसे भाजपा ने ममता के किला को ढाहने के लिए बिछाया माइक्रो-कैंपेन का जाल

ब्यूटी पार्लर वाली दीदी और RSS की खामोश गूंज, जानें कैसे भाजपा ने ममता के किला को ढाहने के लिए बिछाया माइक्रो-कैंपेन का जाल

0
ब्यूटी पार्लर वाली दीदी और RSS की खामोश गूंज, जानें कैसे भाजपा ने ममता के किला को ढाहने के लिए बिछाया माइक्रो-कैंपेन का जाल
बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत के बाद जश्न में डूबी ब्यूटी पार्लर दीदियां.

RSS Whisper Campaign Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने सबको चौंका दिया है. लेकिन भाजपा की इस प्रचंड जीत के पीछे कोई संयोग नहीं, बल्कि जमीन पर की गयी एक बेहद सधी हुई और ‘खामोश’ रणनीति थी.

ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाएं बनीं अदृश्य सेना

तृणमूल कांग्रेस बड़े-बड़े विज्ञापनों और रैलियों में व्यस्त थी, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने ‘माइक्रो-कैंपेन’ के जरिये बंगाल के घर-घर में पैठ बना ली थी. इस रणनीति में ‘ब्यूटी पार्लर’ चलाने वाली महिलाओं से लेकर संघ के अनुशासित स्वयंसेवकों तक ने एक अदृश्य सेना की तरह काम किया.

भाजपा की साइलेंट एंबेसडर ब्यूटी पार्लर वाली दीदी

भाजपा ने इस बार महिलाओं तक पहुंचने के लिए पारंपरिक रैलियों की बजाय उन जगहों को चुना, जहां महिलाएं खुलकर बात करती हैं. राज्य भर के हजारों ब्यूटी पार्लरों, सिलाई केंद्रों और छोटे महिला समूहों में भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने ‘साइलेंट’ कैंपेन चलाया.

इसे भी पढ़ें : 75 साल की तपस्या : श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों से शुभेंदु अधिकारी के राजतिलक तक, जानें कैसे संघ ने खामोशी से बदल दी बंगाल की सत्ता

सीधा संवाद, भरोसे की राजनीति

जब महिलाएं पार्लर में आती थीं, तो वहां की संचालिकाएं (जो भाजपा के नेटवर्क का हिस्सा थीं) बहुत सहजता से उन्हें केंद्र सरकार की योजनाओं और ‘अन्नपूर्णा भंडार’ जैसे वादों के बारे में बताती थीं. इस अनौपचारिक चर्चा ने महिलाओं के मन में बैठे ‘डर’ को खत्म किया और उन्हें भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए प्रेरित किया.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

RSS का ‘विस्पर’ कैंपेन : बिना शोर मचाये बदल दी हवा

संघ के स्वयंसेवकों ने इस चुनाव में विस्परिंग कैंपेन (फुसफुसाहट वाली रणनीति) का सहारा लिया. स्वयंसेवकों ने बड़े भाषणों की बजाय छोटे समूहों में लोगों से मुलाकात की. उन्होंने संदेश दिया कि बंगाल की संस्कृति और सुरक्षा के लिए परिवर्तन क्यों जरूरी है.

पन्ना प्रमुखों का बुना जाल

हर बूथ पर ‘पन्ना प्रमुखों’ ने यह सुनिश्चित किया कि भाजपा के समर्थक न केवल वोट देने आयें, बल्कि वे मतदान केंद्र तक सुरक्षित महसूस करें. टीएमसी के ‘बाहरी बनाम भीतरी’ के नैरेटिव को संघ ने स्थानीय स्तर पर लोक-कथाओं और सांस्कृतिक गौरव के जरिये बेअसर कर दिया.

इसे भी पढ़ें : शंखध्वनि से गूंजा लोकतंत्र का मंदिर, शुभेंदु ने विधानसभा में की पूजा, विधायकों को परोसा गया मछली-भात

पॉकेट मीटिंग्स और डिजिटल स्ट्राइक

भाजपा ने इस बार बड़े जनसमूह की बजाय पॉकेट मीटिंग्स पर जोर दिया. गली-गली में नुक्कड़ सभाएं कीं. 20-30 लोगों की छोटी-छोटी सभाएं की, जहां लोगों के व्यक्तिगत सवालों के जवाब दिये गये. हर इलाके के लिए अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाये गये, जहां स्थानीय समस्याओं और उनके समाधान की बात की गयी. इसने मतदाताओं को महसूस कराया कि भाजपा उनके बेहद करीब है.

RSS Whisper Campaign Bengal Election: तुष्टीकरण के खिलाफ गोलबंदी

भाजपा की रणनीति का एक बड़ा हिस्सा धार्मिक और सांस्कृतिक आधार पर मतदाताओं को गोलबंद करना भी था. संघ ने बिना किसी भड़काऊ भाषण के, संदेश को बहुत गहराई तक पहुंचाया कि मौजूदा शासन में बहुसंख्यक समाज की उपेक्षा हो रही है. इस माइक्रो-लेवल की ब्रांडिंग ने साइलेंट वोटर्स को बूथ तक खींच लिया.

इसे भी पढ़ें : हमें अपने बेटे शुभेंदु पर गर्व है : RSS के सरकार्यवाह होसबाले ने बंगाल के मुख्यमंत्री को बताया अपने परिवार का अटूट हिस्सा

ममता की ‘लक्ष्मी भंडार’ की ढूंढ़ ली काट

ममता बनर्जी की ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं की काट भाजपा ने ‘माइक्रो-कनेक्ट’ के जरिये तलाशी. यह चुनाव साबित करता है कि अब जीत बड़े होर्डिंग्स से नहीं, बल्कि घर की रसोई और मोहल्ले के पार्लर में होने वाली चर्चाओं से तय होती है.

इसे भी पढ़ें

सत्ता के शिखर पर तो पहुंच गये शुभेंदु अधिकारी, क्या बन पायेंगे ज्योति बसु और ममता बनर्जी जैसे जननायक?

कौन हैं नंदीग्राम के ‘जायंट किलर’ शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने ममता बनर्जी को 2 बार हराया और ढाह दिया टीएमसी का अभेद्य किला

बंगाल की राजनीति के ‘गेमचेंजर’ हैं शुभेंदु अधिकारी? नंदीग्राम के नायक से ममता बनर्जी को ललकारने तक, जानें 5 अनकहे सच

पनता भात और हिल्सा के शौकीन हैं बंगाल के नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मां ने खोले नंदीग्राम के लाल के राज

Previous article Bhagalpur. बाबा बूढ़ानाथ मंदिर में हुई सरकारी पूजा, मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धालुओं के लिए खुले पट
Next article शुभेंदु अधिकारी का अवैध निर्माण पर एक्शन, पश्चिम बंगाल में ऑपरेशन बुलडोजर शुरू
Avatar Of Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel