[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता ममता की सभा के बाद शुभेंदु भी जायेंगे संदेशखाली, प्रशासन अलर्ट

ममता की सभा के बाद शुभेंदु भी जायेंगे संदेशखाली, प्रशासन अलर्ट

0
ममता की सभा के बाद शुभेंदु भी जायेंगे संदेशखाली, प्रशासन अलर्ट

बशीरहाट.

30 दिसंबर को संदेशखाली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रशासनिक दौरे के बाद अगले दिन ही यानी 31 दिसंबर को राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भी संदेशखाली में जनसंपर्क अभियान के तहत जाने वाले हैं.

ऐसी स्थिति में सुरक्षा चाक-चौबंद की जा रही है. मुख्यमंत्री की प्रशासनिक बैठक की तैयारी संदेशखाली के ऋषि अरबिंदो मिशन मैदान में की जा रही है.

बशीरहाट सांगठनिक जिला तृणमूल कांग्रेस के पर्यवेक्षक और राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस, उत्तर 24 परगना के जिलाधिकारी शरद कुमार द्विवेदी, बशीरहाट के पुलिस अधीक्षक हुसैन मेहदी रहमान ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दौरे को लेकर उक्त मैदान और हेलीपैड ग्राउंड का शनिवार को जायजा लिया.

सीएम के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट

जानकारी के मुताबिक, कोर्ट के निर्देश पर संदेशखाली में शेख शाहजहां और उसके गैंग के लोगों द्वारा वर्षों से हड़पी गयी जमीन को धीरे-धीरे मुक्त कराकर जमीन मालिकों को लौटाया जा रहा है. इसी क्रम में सात एकड़ आदिवासी भूमि पर शाहजहां गैंग के लोगों से कब्जा मुक्त कर दखल करने गयी पुलिस पर लौटते समय बदमाशों ने हमला कर पुलिस का रास्ता रोक दिया था. पुलिस प्रशासन इस बात को लेकर भी अलर्ट है कि ममता बनर्जी के दौरे के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. इलाके में शांति बहाल रहे. इसे लेकर पुलिस प्रशासन तैयारी में जुटा है. शेख शाहजहां फिलहाल जेल में है, लेकिन अब भी उसके गैंग के कुछ लोगों का प्रभाव वहां काम कर रहा है, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है.

संदेशखाली में भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में

इधर, ममता बनर्जी के दौरे के बाद ही शुभेंदु अधिकारी जनसंपर्क अभियान के तहत संदेशखाली जानेवाले हैं. इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ता सांगठनिक स्तर पर तैयारी में जुटे हैं. संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार व शोषण का मामला सामने आने के बाद लंबे समय तक लोगों ने सत्तारूढ़ दल तृणमूल के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन किया था, जिसमें भाजपा नेता रेखा पात्रा उभर कर आयीं और वह लोकसभा चुनाव भी लड़ी थीं. हालांकि वह चुनाव हार गयी थीं, लेकिन लोकसभा चुनाव में संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा को अधिक वोट मिला था. तृणमूल नेता शेख शाहजहां और उसके गैंग के खिलाफ आंदोलन कर भाजपा ने संदेशखाली में सुर्खियां बटोरी थी.

विधानसभा में हार गयी थी, पर लोस में भाजपा को मिली थी बढ़त

गत 2021 के विधानसभा चुनाव में संदेशखाली सीट से भाजपा उम्मीदवार की हार हुई थी, लेकिन शेख शाहजहां के खिलाफ भाजपा व वहां की महिलाओं के आंदोलन के बाद भाजपा को गत लोकसभा चुनाव में बशीरहाट लोकसभा के संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र से बढ़त मिली थी. भाजपा उस क्षेत्र में 7,500 वोटों से आगे थी. भाजपा इसे बरकरार रखने की कोशिश में है. इसे लेकर शुभेंदु ने वहां जनसंपर्क अभियान चलाकर सदस्य बढ़ाने पर जोर दिया है. भाजपा नेताओं का मानना है कि संदेशखाली में हुए आंदोलन का लाभ पार्टी को चुनाव में मिल सकता है.

बशीरहाट लोकसभा सीट का उपचुनाव बाकी

इधर, बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र से 2024 के चुनाव में तृणमूल प्रत्याशी हाजी नुरूल इस्लाम ने जीत दर्ज की थी, लेकिन हाल ही में उनका निधन होने से यह सीट खाली पड़ी है. इस सीट पर 2025 में चुनाव होने की संभावना है. इसे देखते हुए दोनों ही राजनीतिक पार्टियां अपना जनाधार बढ़ाने में जुटी हैं. हाजी नुरूल इस्लाम को खोने के बाद तृणमूल वहां अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel