[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता नगर निगम के स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटी

नगर निगम के स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटी

0
नगर निगम के स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटी

शिक्षा विभाग का बजट भी हुआ कम

शिव कुमार राउत, कोलकाता

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1924 में कोलकाता नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्य करते हुए शहर में निगम के प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम किया था.

लेकिन लगभग 102 वर्ष बाद निगम के स्कूलों की स्थिति चिंताजनक बतायी जा रही है. कहीं शिक्षक हैं तो विद्यार्थी नहीं, तो कहीं विद्यार्थी हैं पर पर्याप्त शिक्षक नहीं. शिक्षा विभाग के बजट आवंटन में भी कमी आयी है. हालांकि निगम प्रशासन का दावा है कि स्कूलों की दशा सुधारने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. निगम के अंतर्गत प्राथमिक (कक्षा एक से पांच) और उच्च प्राथमिक (कक्षा छह से आठ) विद्यालय संचालित हैं. निगम के आठ विद्यालयों में कक्षा आठ तक पढ़ाई होती है.

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा विभाग को 59.34 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में 59.78 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. यानी पिछले वर्ष की तुलना में बजट में मामूली कमी हुई है. वित्त वर्ष 2025-26 में आवंटित 59.78 करोड़ रुपये में से विभाग 44.68 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका था.

एक समय निगम के पास 272 स्कूल थे, जो घटकर 263 रह गये थे. वर्तमान में कुल 217 स्कूल संचालित हैं. निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें 67 अंग्रेजी माध्यम, 70 बांग्ला माध्यम, 38 हिंदी माध्यम, 41 उर्दू माध्यम, एक ओड़िया माध्यम और 65 शिशु शिक्षा केंद्र शामिल हैं. विद्यार्थियों की कुल संख्या लगभग 13 हजार है, जबकि शिक्षकों की संख्या करीब 600 है. इनमें 500 स्थायी और 100 अस्थायी शिक्षक हैं. हिंदी माध्यम स्कूलों के लिए 95 शिक्षक कार्यरत हैं. निगम ने 26 स्कूलों को अपग्रेड कर मॉडल स्कूल में तब्दील किया है. इन स्कूलों में स्मार्ट टीवी, कंप्यूटर, स्पीकर और वेबकैम की व्यवस्था की गयी है. सांसद निधि (एमपीएलएडी) और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड से इन स्कूलों को विकसित किया गया है.

हालांकि निगम सूत्रों के अनुसार, कई मॉडल स्कूल नाम मात्र के लिए संचालित हो रहे हैं और अधिकांश में आवश्यक सॉफ्टवेयर तक उपलब्ध नहीं है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel