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सागर तट का कटाव राेकने को नयी योजना

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सागर तट का कटाव राेकने को नयी योजना

तैयारी. कपिल मुनि मंदिर के सामने सागर के किनारे करीब साढ़े तीन किमी. लंबा होगा तटबंध

संवाददाता, सागरद्वीप

सागरद्वीप. दक्षिण 24 परगना जिले के सागरद्वीप नामक छोटे से द्वीप पर स्थित गंगासागर में प्रत्येक वर्ष भारत के साथ-साथ विश्व के अन्य देशों से पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है. लेकिन चारों ओर से पानी से घिरा हुआ यह द्वीप प्राकृतिक आपदाओं का शिकार होता रहा है. यह जगह देश के नक्शे में धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में परिचित है. सागर विधानसभा क्षेत्र में गंगासागर मौजा है, जिसके अंतर्गत स्थित है सदियाें पुराना कपिल मुनि मंदिर. इस मंदिर की वजह से ही यहां प्रत्येक वर्ष गंगासागर मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें दुनिया भर से लोग पहुंचते हैं. लेकिन इसके तटवर्ती क्षेत्रों में कटाव इतना अधिक हो रहा है कि गांव के गांव इसमें से समाते जा रहे हैं. गंगासागर मौजा में ही तटवर्ती क्षेत्र के तीन गांवों के लोगों को कटाव की वजह से पीछे हटना पड़ा है. गंगासागर मौजा के अंतर्गत स्थित श्री कपिल मुनि मंदिर पर भी खतरा मंडराने लगा है. इसलिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श्री कपिल मुनि मंदिर के प्रबंधन से तटबंध को बचाने के लिए मदद करने की अपील की है. मंगलवार को गंगासागर हेलीपैड पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर कमेटी ने आश्वासन दिया है कि सागर किनारे कंक्रीट का तटबंध तैयार करने के लिए वह इस वर्ष मिलने वाले दान का एक हिस्सा राज्य सरकार को सौपेंगे. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मंदिर प्रबंधन सिर्फ इस वर्ष यह मदद करती है तो तटबंध बनाने का काम जल्द से जल्द शुरू किया जायेगा. मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव के बाद अब राज्य सरकार के सिंचाई विभाग की ओर से तटबंध बनाने के लिए योजना तैयार की जायेगी.

क्या कहना है सुंदरवन मामलों के मंत्री का :

इस संबंध में सुंदरवन विकास मामलों के मंत्री व गंगासागर बक्खाली डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन बंकिम चंद्र हाजरा ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को मंदिर कमेटी ने स्वीकार कर लिया है और अब सिंचाई विभाग की ओर से इसे लेकर योजना तैयार की जायेगी, उसके बाद ही इस पर क्या खर्च आयेगा, यह स्पष्ट हो पायेगा. मंत्री ने आगे बताया कि श्री कपिल मुनि मंदिर के सामने सागरतट पर पांच घाटों पर तटबंध बनाना सबसे जरूरी है, जिसकी लंबाई लगभग तीन-साढ़े तीन किलोमीटर है. एक से पांच नंबर घाट की अवस्था काफी खराब है. उन्होंने कहा कि मंदिर कमेटी कितना फंड देगी, वह तो कमेटी के लोग ही बता पायेंगे. हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सागर किनारे तटबंध बनाने का काम जल्द से जल्द शुरू करना चाहती है ताकि अगले वर्ष गंगासागर मेले के पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाये. गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला का दर्जा दिलाने के लिए अब श्री कपिल मुनि मंदिर कमेटी भी केंद्र को लिखेगी पत्र : सागर किनारे कंक्रीट का तटबंध बनाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये प्रस्ताव पर श्री कपिल मुनि मंदिर के प्रमुख महंत ज्ञान दास महाराज के उत्तराधिकारी संजय दास महाराज ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने गंगासागर मेले के लिए फंड दिया होता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती. हालांकि, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को मंदिर कमेटी ने स्वीकार कर लिया है. इसलिए तटबंध बनाने के लिए मुख्यमंत्री जैसा कहेंगी, वे करेंगे. श्री दास ने आगे कहा कि गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने के लिए अब मंदिर कमेटी की ओर से भी केंद्र सरकार को पत्र लिखा जायेगा. उन्होंने कहा कि जल्द ही मंदिर कमेटी केंद्र को यह पत्र भेजेगी. उन्होंने कहा कि देश में अन्य राज्यों में आयोजित होने वाले मेलों के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद करती है. कुंभ मेले के लिए ही केंद्र सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च करती है, लेकिन गंगासागर मेले के लिए कुछ भी नहीं करती. सागरद्वीप में जो भी विकास हुआ है, वह यहां की राज्य सरकार ने किया है. इसलिए अब मंदिर कमेटी केंद्र सरकार से गंगासागर मेले में भी सहयोग करने की मांग करेगी.

कंक्रीट का तटबंध बनाने के लिए सिंचाई विभाग बनायेगा प्रोजेक्ट

मूड़ी गंगा नदी में रोजाना 20 घंटे तक चलेंगे वेसेल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग की ओर से लॉट नंबर आठ में नये जेटी का निर्माण किया गया है. इसके साथ ही मूड़ी गंगा नदी में ड्रेजिंग की गयी है. इससे रोजाना 20 घंटे तक वेसेल का आवागमन होगा. वेसेल व लांच सेवा अधिक समय तक चलने पर भीड़ को नियंत्रित करने में भी सुविधा होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वेसेल व लांच पर ट्रैकिंग डिवाइस लगा होगा, ताकि उन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सके. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पाथरप्रतिमा में चार वेसेल परिसेवा शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि इस योजना पर 24 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिले में पियाली व द्वारका नदी पर तीन नये ब्रिज का उद्घाटन किया, जिसके निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं.

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