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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता ममता बनर्जी के प्रति पीएम मोदी में ‘ममता’ नहीं : स्वामी निश्चलानंद

ममता बनर्जी के प्रति पीएम मोदी में ‘ममता’ नहीं : स्वामी निश्चलानंद

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ममता बनर्जी के प्रति पीएम मोदी में ‘ममता’ नहीं : स्वामी निश्चलानंद

सागरद्वीप से मनोरंजन सिंह

गंगासागर यात्रा को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार की योजना मुड़ी गंगा पर ब्रिज बनाने की है. लेकिन इसके लिए फंड नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र पर कटाक्ष किया था. इसके बाद ही सोमवार को शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती (पुरी) ने कहा कि ममता बनर्जी के प्रति मोदी में ‘ममता’ नहीं है. इसलिए ही ऐसा हो रहा है. उन्होंने गंगासागर को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग पर कहा कि इस बारे में सरकार से कोई अपेक्षा मत रखिए. यह राष्ट्रीय मेला ही तो है, वरना मैं क्यों यहां आता. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भाजपा तो सोचेगी ही कि बंगाल में उसकी सरकार बन जाये, तब गंगासागर को राष्ट्रीय मेला घोषित करेंगे. ऐसा है तो आप बंगाल में भाजपा की सरकार बनायें या अपने स्तर से घोषित करिए कि गंगासागर सर्वोच्च तीर्थ है. गंगा का महत्व सर्वत्र है. सागर का भी महत्व है. अगर यहां महत्व नहीं होता, तो प्रति वर्ष क्यों आता. गंगासागर 30 वर्षों से आ रहा हूं. शंकराचार्य से मिले राज्य के मंत्री अरूप विश्वास ः गंगासागर स्नान करने आये स्वामी निश्चलानंद सरस्वती (पुरी) से सोमवार को राज्य के मंत्री अरूप विश्वास ने मुलाकात की. उनके शिविर में मंत्री ने जाकर उनसे मुलाकात की. उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया और शंकराचार्य से काफी देर तक बात की. मंत्री ने शंकराचार्य से मिलकर उनके शिविर के लिए अगले साल से और अधिक जगह देने का आश्वासन दिया. मालूम हो कि सागरद्वीप स्थित गंगासागर मेले में आये शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती रविवार को थोड़ा अस्वस्थ्य हो गये थे.

अयोध्या को दूसरी जगह नहीं ला सकते

शंकराचार्य ने बंगाल में राममंदिर निर्माण के प्रसंग पर कहा कि मानव निर्मित विश्व की प्रथम राजधानी का नाम अयोध्या है. अयोध्या, अयोध्या ही है. राम सभी जगह हैं, पर अयोध्या को दूसरी जगह नहीं ला सकते.

शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री को दी सलाह

बंगाल से आतंकी की गिरफ्तारी पर शंकराचार्य ने कहा कि ममता बनर्जी ध्यान दीजिए. पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों को केंद्र सरकार ने पकड़-पकड़ कर मारा था. देशभक्त नहीं हुए, तो शासन कब तक कर सकेंगे. सत्ता आती है और जाती है. किसी एक वर्ग को रिझाने के लिए हिंदुओं पर वार करवाना सही नहीं है. उन्होंने कपिलमुनी मंदिर के समुद्र में समाने के खतरे पर कहा कि देश के चर्चित मठ-मंदिरों से प्राप्त धन को बदहाल मठ-मंदिरों के विकास पर खर्च करना चाहिए.

जब तक देश में हिंदू हैं, मुसलमान सुरक्षित हैं

पड़ोसी देश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि बांग्लादेश के लोग यदि वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमला करेंगे, तो बाकी जगह रह रहे अल्पसंख्यक मुसलमानों का क्या हाल होगा? इसलिए दूर सोचें और शांति बनाये रखें. जहां हिंदू नहीं हैं, वहां मुस्लिम आपस में लड़ रहे हैं. जब तक देश में हिंदू हैं, मुसलमान सुरक्षित हैं. उन्हें यह भी याद रखना होगा कि सबके पूर्वज सनातन वैदिक आर्य हिंदू ही थे.

दलालों के चलते बढ़ रही महंगाई

स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि आज-कल दलाल सक्रिय हो गये हैं. इस कारण ही महंगाई बढ़ रही है. विकास के नाम पर उर्जा के स्रोत को विकृत किया जा रहा है. पृथ्वी, चंद्रमा और वायुमंडल कुपित हो गये हैं. राजनेताओं को अर्थशास्त्र का ज्ञान होना चाहिए. राजनीति की परिभाषा ही वे नहीं जानते हैं. विश्व में 204 देश हैं. लेकिन विचित्र बात यह है कि राजनेताओं में शासन करने की क्षमता नहीं है. आज 13 व्यापारी ही विश्व पर शासन चला रहे हैं. राजनेता उन्हें ठेका दे रहे हैं. कुछ दिनों बाद ये व्यापारियों को ठेका देने की क्षमता भी खो देंगे. तब व्यापारियों का एकछत्र राज हो जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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