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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता 1 जुलाई से बदल रहे रसोई गैस के नियम, बंगाल में भी इन ग्राहकों का कट जायेगा कनेक्शन

1 जुलाई से बदल रहे रसोई गैस के नियम, बंगाल में भी इन ग्राहकों का कट जायेगा कनेक्शन

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1 जुलाई से बदल रहे रसोई गैस के नियम, बंगाल में भी इन ग्राहकों का कट जायेगा कनेक्शन

LPG Cylinder New Rules: इंडेन (Indane), एचपी (HP) और भारत गैस (Bharat Gas) के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर. 1 जुलाई से रसोई गैस सिलेंडर से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं. केंद्र सरकार के नये दिशा-निर्देशों के मुताबिक, नियमों का पालन न करने वाले ग्राहकों का गैस कनेक्शन काटा भी जा सकता है. इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो पीएनजी (PNG – पाइप्ड नेचुरल गैस) और एलपीजी (LPG) दोनों कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं. या जिन्होंने अभी तक अपना ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराया है.

30 दिन के भीतर काटना होगा एलपीजी कनेक्शन

केंद्र सरकार ने हाल ही में ‘एलपीजी (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) संशोधन आदेश’ को अनिवार्य कर दिया है. इस नियम के तहत, यदि किसी व्यक्ति के घर में पीएनजी (PNG) का एक्टिव कनेक्शन है, तो उसके नाम पर चल रहे इंडेन, एचपी या भारत गैस के एलपीजी कनेक्शन को 30 दिनों के भीतर डिस्कनेक्ट (बंद) कर दिया जायेगा. हालांकि, यदि ग्राहक खुद से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करता है, तो उसे सरकार की तरफ से एक कूपन दिया जायेगा. कूपन की मदद से वह भविष्य में जरूरत पड़ने पर दोबारा आसानी से नया एलपीजी कनेक्शन ले सकेगा.

खत्म हो रही है 3 महीने की समय-सीमा

सरकार ने मार्च 2026 में घोषणा की थी कि जिन इलाकों में पीएनजी (PNG) का बुनियादी ढांचा मौजूद है, वहां के सभी एलपीजी ग्राहकों को 3 महीने के भीतर पीएनजी में शिफ्ट होना होगा. जून के अंत के साथ ही यह समय-सीमा खत्म हो जायेगी.

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ई-केवाईसी कराना है अनिवार्य

सरकार ने सभी एलपीजी गैस कनेक्शन धारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया है. जिन ग्राहकों ने अभी तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके लिए 30 जून आखिरी तारीख तय की गयी है. ऐसा न करने पर ग्राहकों को 1 जुलाई से गैस सिलेंडर बुक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. उनकी सेवा भी रोकी जा सकती है.

क्या कम होगी सिलेंडर बुकिंग की अवधि?

इन सख्त नियमों के बीच उपभोक्ता के लिए एक राहत भरी खबर भी है. वर्तमान नियमों के मुताबिक, युद्ध जनित परिस्थितियों के कारण ब्लैक-मार्केटिंग रोकने और आपूर्ति बनाये रखने के लिए शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक करने पर रोक थी. अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खुलने के बाद उम्मीद जतायी जा रही है कि 1 जुलाई से इस बुकिंग अवधि को कम किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ें : क्या आपके शहर में बदल गया एलपीजी सिलेंडर का रेट? आज कितने में मिलेगा 14.5 किलो वाला रसोई गैस

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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