[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता भूकंप के मामले में आयी ताजी रिपोर्ट चिंताजनक, कोलकाता भी सेफ नहीं

भूकंप के मामले में आयी ताजी रिपोर्ट चिंताजनक, कोलकाता भी सेफ नहीं

0
भूकंप के मामले में आयी ताजी रिपोर्ट चिंताजनक, कोलकाता भी सेफ नहीं

संवाददाता, कोलकाता.

पिछले अक्तूबर महीने में भारी बारिश की वजह से पहाड़ों में लैंडस्लाइड हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान चली गयी थी. ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआइएस) ने दार्जिलिंग को लेकर नयी आशंका जतायी है. हाल ही में पूरे देश के भूकंप-प्रोन ज़ोन की नयी पहचान की गयी है, इसमें कोलकाता भी एक खतरनाक जगह पर है.

भूकंप के खतरे और भूकंप-रोधी संरचना के डिज़ाइन क्राइटेरिया पर सातवें ऑब्ज़र्वेशन के आधार पर तैयार की गयी बीआइएस की रिपोर्ट में बंगाल के दार्जिलिंग के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड राज्य के खतरों का ज़िक्र किया गया है. असल में देश में कुछ जगहों पर भूकंप का कितना खतरा है, यह पहचानने के लिए इतने लंबे समय से बनी ‘सीस्मिक ज़ोन’ की लिस्ट को नयी रिपोर्ट में बदल दिया गया है. मैप में एक नया ज़ोन जोड़ा गया है, जिसे ज़ोन-6 कहा गया है.

अभी तक पूरे देश के भूकंप-प्रोन इलाकों को चार ज़ोन या इलाकों में बांटा गया था. इनमें ज़ोन-2 का मतलब सबसे सुरक्षित और ज़ोन-5 का मतलब सबसे खतरनाक है. ज़ोन-6 में बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कर्सियांग समेत पूर्वी हिमालय को जोड़ा गया है. नयी रिपोर्ट के मुताबिक भारत का 61 फीसदी हिस्सा अब मीडियम से हाई रिस्क (भूकंप) ज़ोन में है. जो कुछ दशकों में एक बड़ा बदलाव है.

बीआइएस की रिपोर्ट कहती है कि दार्जिलिंग, कर्शियांग कलिम्पोंग, सिक्किम और काफी हद तक पूर्वी हिमालय, जो कश्मीर के एक हिस्से से अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार बॉर्डर तक फैला है, अब बहुत ज़्यादा भूकंप आने वाले एरिया हैं. कोलकाता इन पांच ज़ोन के बीच में है. पश्चिम बंगाल की राजधानी ज़ोन 4 में है. ज्योग्राफी के प्रोफेसर पार्थ प्रतीम रॉय ने कहा कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें अभी सतर्क नहीं रहीं, तो भविष्य में इसके नतीजे बहुत बुरे हो सकते हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ़ नॉर्थ बंगाल में ज्योग्राफी के प्रोफेसर इंद्रजीत चौधरी भी यही बात कह रहे हैं. उनका कहना था कि भूकंप के बारे में हाल की रिपोर्ट बहुत चिंताजनक है. दार्जिलिंग समेत पूरा पूर्वी भारत अब सिस्मिक ज़ोन 6 में है. हम भूकंप को रोक नहीं सकते, लेकिन हमें जान-माल के नुकसान को रोकने के तरीके खोजने होंगे. नयी रिपोर्ट के बारे में जीटीए के प्रवक्ता एसपी शर्मा ने कहा कि दार्जिलिंग शहर का दायरा बढ़ाना होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel