[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता इडी अब लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकेगी

इडी अब लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकेगी

0
इडी अब लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकेगी

कोयला तस्करी मामला. प्रवर्तन निदेशालय को सुप्रीम कोर्ट से मिली अनुमति

संवाददाता, कोलकातासुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोयला तस्करी मामले में मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ ‘लाला’ को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति प्रवर्तन निदेशालय (इडी) को दे दी. अनूप माजी लंबे समय से केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में हैं, लेकिन अब तक उन्हें हिरासत में नहीं लिया जा सका है. इडी ने कोर्ट में दलील दी थी कि अदालत से मिले संरक्षण के कारण वह लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं कर पा रहे हैं. न्यायाधीश विक्रम नाथ, न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश एनवी अंजरिया की बेंच ने अब यह बाधा हटा दी है. शीर्ष अदालत ने कहा कि इडी अनूप माजी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है. इससे जांच में तेजी आने की उम्मीद है. गौरतलब है कि इससे पहले लाला को कई बार समन भेजा गया, लेकिन वे पेश नहीं हुए. जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. आरोप है कि कोयला खदानों से अवैध रूप से कोयला निकालकर तस्करी की जाती थी, जिसमें इसीएल, सीआइएसएफ और रेलवे के कुछ कर्मियों की मिलीभगत भी सामने आयी. मामले में सीबीआइ ने उनकी संपत्ति जब्त की थी. 2024 में आसनसोल की निचली अदालत ने लाला को आत्मसमर्पण का नोटिस जारी किया था और संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें अंतरिम राहत मिली, शर्त यह थी कि वे जांच में सहयोग करेंगे, निचली अदालत के निर्देशों का पालन करेंगे और क्षेत्र नहीं छोड़ेंगे.इडी सूत्रों के अनुसार, हाल में जब एजेंसी ने हिरासत में लेने की कोशिश की तो सुप्रीम कोर्ट से मिले संरक्षण के कारण बाधा आयी. इसीलिए शीर्ष अदालत की अनुमति जरूरी थी. अब अनुमति मिलने के बाद इडी पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ायेगी.

अवैध कोयला खनन, तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 100.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत की गयी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस बात की जानकारी शुक्रवार को दी. मामला इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (इसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और कोयला चोरी से जुड़ा है. जांच एजेंसी के अनुसार ये अवैध गतिविधियां मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ लाला के नेतृत्व वाले एक सिंडिकेट द्वारा संचालित की जा रही थीं.

सरकारी अफसरों से बचाने का जरिया बनी 10 व 20 रुपये की करेंसी

इडी ने बताया कि फर्जी परिवहन चालान के साथ ट्रांसपोर्टर को 10 या 20 रुपये का एक करेंसी नोट दिया जाता था. ट्रांसपोर्टर उस नोट को ट्रक, डंपर या टिपर के नंबर प्लेट के साथ पकड़ कर उसकी तस्वीर खींचता और उसे सिंडिकेट के ऑपरेटर को भेजता था. इसके बाद वह तस्वीर वाट्सएप के माध्यम से संबंधित पुलिस अधिकारियों और मार्ग में पड़ने वाले अन्य सरकारी अधिकारियों को भेजी जाती थी, ताकि वाहन को रोका न जाये या रोके जाने की स्थिति में तुरंत छोड़ दिया जाये.

क्या है मामला:

अनूप माजी का जन्म पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर क्षेत्र में हुआ. बाद में वे पश्चिम बर्दवान के आसनसोल इलाके में सक्रिय हुए और वहीं कथित रूप से कोयला तस्करी नेटवर्क से जुड़े. जांच एजेंसियों का दावा है कि इस अवैध कारोबार में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ और इसमें कई प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आये. इस मामले में अन्य आरोपियों में जयदेव मंडल और विनय मिश्रा का नाम भी शामिल रहा है. विनय मिश्रा लंबे समय से फरार बताये जाते हैं, जबकि जयदेव मंडल जमानत पर बाहर हैं. अब तक केंद्रीय एजेंसियों को लाला की कस्टडी नहीं मिल पायी थी. सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद जांच एजेंसियों को अहम बढ़त मिली है.

गोरखधंधा : अवैध परिवहन चालान प्रणाली का नाम रखा गया था लाला पैड:

इडी के अनुसार, सिंडिकेट अवैध खुदाई और बड़े पैमाने पर कोयला चोरी में संलिप्त था. अवैध रूप से निकाले गये कोयले की आपूर्ति राज्य की विभिन्न फैक्टरियों में की जाती थी और इसमें स्थानीय प्रशासन की सक्रिय सहायता का भी खुलासा हुआ है. जांच में यह भी सामने आया कि अनूप माजी ने एक अवैध परिवहन चालान प्रणाली शुरू की थी, जिसे आम तौर पर लाला पैड कहा जाता था. यह फर्जी चालान गैर अस्तित्व वालीं कंपनियों के नाम पर जारी किये जाते थे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel