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बैंची का जर्जर पुल कभी भी गिर सकता है, 60 साल बाद भी नहीं हुई मरम्मत

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बैंची का जर्जर पुल कभी भी गिर सकता है, 60 साल बाद भी नहीं हुई मरम्मत

हुगली. हुगली के बैंची स्थित डीवीसी नहर पर बना ब्रिटिश-कालीन पुल बेहद जर्जर हालत में है और कभी भी ढह सकता है. पुल की हालत इतनी खराब है कि प्रशासन ने इस पर तीन टन से ज्यादा भार वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी हो रही है. यह पुल गुराप-कालना रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य महत्वपूर्ण सड़कों से जोड़ता है. बैंची स्टेशन तक पहुंचने का यह मुख्य रास्ता है. बैंची से बैद्यपुर और कालना जाने वाले यात्री इसी पुल का उपयोग करते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की हालत देखकर लगता है कि यह अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है. पुल की रेलिंग से सीमेंट और बालू झड़ चुके हैं और लोहे की छड़ें बाहर निकल आयी हैं. पुल के पिलरों में पीपल और बरगद के पेड़ उग आये हैं, जिससे दरारें और बढ़ गयी हैं. बारिश के मौसम में जब डीवीसी नहर में पानी छोड़ा जाता है, तो पुल की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है. पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लोहे के अवरोधक लगाये गये हैं, जिससे 11 नंबर रूट की बस सेवा कई सालों से बंद है. यात्रियों को निजी ””””””””कटा सर्विस”””””””” का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं. स्थानीय तानिया चट्टोपाध्याय ने कहा कि यह पुल दुर्गापुर हाइवे एक्सप्रेस और जीटी रोड जैसी महत्वपूर्ण सड़कों को जोड़ता है. इसकी खराब हालत से आम लोगों और व्यापारियों को बहुत दिक्कत हो रही है.

भाजपा नेता तुषार मजूमदार ने तृणमूल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उन्हें भुला दिया जाता है. तृणमूल के जिला परिषद सदस्य मानस मजूमदार ने बताया कि नये पुल के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है. डीवीसी और लोक निर्माण विभाग के साथ चर्चा चल रही है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है. सांसद रचना बंद्योपाध्याय ने भी आश्वासन दिया है कि वह इस मामले को देखेंगी और प्रशासनिक अधिकारियों से बात करके जल्द से जल्द काम शुरू करवाएंगी.

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