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कोई भेदभाव नहीं, शांति व सद्भाव के साथ होगा राज्य का विकास : सीएम

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कोई भेदभाव नहीं, शांति व सद्भाव के साथ होगा राज्य का विकास : सीएम

कोलकाता.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य सचिवालय के पास बने नबान्न सभाघर में राज्य के विकास व औद्योगिकीकरण के लिए सांप्रदायिक सद्भाव और शांति बनाये रखने पर जोर दिया. मंगलवार को मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कहा कि बंगाल बांटने की राजनीति में विश्वास नहीं करता है, बल्कि, शांति, स्थिरता और आपसी सद्भाव ही राज्य की तरक्की की कुंजी है. सीएम ने कहा कि मन और माहौल शांतिपूर्ण होने पर ही व्यापार बढ़ सकता है और नयी पीढ़ी सुरक्षित रह सकती है. मंगलवार की मीटिंग में मुख्यमंत्री ने राज्य के मौजूदा सामाजिक-आर्थिक हालात और डेमोग्राफिक परिस्थिति को लेकर चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे सब लोग एक परिवार में साथ रहते हैं, वैसे ही राज्य को भी एक परिवार की तरह चलना चाहिए.

आजादी के बाद के समय का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंटवारे के समय जो जहां जाना चाहता था, वहां चला गया. जो भारत में रह गये, वे सभी भारतीय हैं और यह जमीन उनकी मातृभूमि है, इसलिए उन्होंने नये मतभेद पैदा करने की किसी भी कोशिश की कड़ी आलोचना की. मुख्यमंत्री ने राज्य के डेमोग्राफिक आंकड़ों पर जोर देते कहा कि राज्य में लगभग 30 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय, 26 प्रतिशत अनुसूचित जाति और छह प्रतिशत आदिवासी लोग रहते हैं. समाज के इस बड़े हिस्से को बाहर करके या उनसे झगड़ा करके राज्य की आम जिंदगी को चलाना नामुमकिन है. उन्होंने चेतावनी दी : अगर हम झगड़े करेंगे, तो वे हर दिन सड़कें जाम कर देंगे. आपकी कंपनियां बंद कर देंगे. जिंदगी मुश्किल हो जायेगी.

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में अशांति फैलाने के प्रयास किये जा रहे हैं और लोगों से शांति बनाये रखने और उकसावे में न आने का आग्रह किया. किसी का नाम लिये बिना ममता बनर्जी ने दावा किया कि कुछ ताकतें चुनावी लाभ के लिए राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं. राज्य में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

दक्षिण कोलकाता के सिरिटी में पुनर्निर्मित शवदाह गृह का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करने और शहर के दक्षिणी भाग में ही वाटगंज के दहीघाट में एक नये शवदाह गृह की आधारशिला रखने के बाद वह राज्य सचिवालय में एक बैठक को संबोधित कर रही थीं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग चुनावी लाभ के लिए दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन हमें 365 दिन एक साथ रहना है. यह बंगाल सबका है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि अगर किसी खास समुदाय के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो सड़कें और रेल की पटरियां अवरुद्ध हो जाती हैं और वह नहीं चाहतीं कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो. उन्होंने कहा : मैं चाहती हूं कि सभी लोग सद्भाव से एक साथ रहें.

ममता बनर्जी ने अन्य राज्यों में पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों के कथित उत्पीड़न पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के लगभग 1.5 करोड़ लोग बंगाल में काम करते हैं, लेकिन यहां कोई उन्हें परेशान नहीं करता. लेकिन जब हमारे मजदूर राज्य से बाहर काम करने जाते हैं, तो उन्हें गंभीर अत्याचारों का सामना करना पड़ता है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए सुश्री बनर्जी ने प्रवासी श्रमिकों से पश्चिम बंगाल लौटने का आग्रह किया और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य में रोजगार के अवसर सृजित किये जायेंगे.

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