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नियुक्ति घोटाला: एक और मामले में पार्थ को जमानत

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नियुक्ति घोटाला: एक और मामले में पार्थ को जमानत

जेल से बाहर आने में अभी भी अड़चन

संवाददाता, कोलकाताराज्य के सरकारी स्कूलों में ग्रुप-सी पदों पर हुईं नियुक्तियों में कथित अनियमितता के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की ओर से दर्ज केस में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को जमानत मिल गयी है. अलीपुर कोर्ट स्थित विशेष सीबीआइ अदालत ने चटर्जी को 90 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है. अदालत ने उन पर कई शर्तें लगायी हैं. इससे पहले 9वीं-10वीं और 11वीं-12वीं कक्षा के शिक्षकों की नियुक्ति के घोटाले से संबंधित मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है. हालांकि, प्राथमिक स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले में उनका मामला अब भी लंबित है. मामले में वह अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए उनकी जेल से रिहाई फिलहाल संभव नहीं हो पायी है. इस मामले में जमानत के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने फैसला सुरक्षित रखा है. फैसला आने के बाद ही पूर्व मंत्री चटर्जी की जेल से रिहाई संभव होगी. पार्थ चटर्जी को 22 जुलाई, 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने दक्षिण कोलकाता के नाकतला स्थित आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था. जांच के दौरान उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के टाॅलीगंज और बेलघरिया स्थित फ्लैटों से भारी मात्रा में नकदी और गहने जब्त किये गये थे. टाॅलीगंज के ‘डायमंड सिटी’ फ्लैट से करीब 21.90 करोड़ रुपये और विदेशी मुद्राएं मिलीं थी, वहीं बेलघरिया के ‘क्लब टाउन हाइट्स’ फ्लैट से करीब 27.90 करोड़ रुपये नकद और बहुमूल्य गहने बरामद किये गये थे. कुल मिलाकर लगभग 60 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ था. इसके बाद 23 जुलाई, 2022 को पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया.

कुछ मामलों में मिल चुकी है जमानत :भ्रष्टाचार और अवैध वित्तीय लेन-देन के आरोपों के चलते चटर्जी का नाम कई मामलों में आया. वह धीरे-धीरे स्कूलों के ग्रुप-डी, ग्रुप-सी, नवम-दसवीं और उच्च माध्यमिक शिक्षक नियुक्तियों के घोटालों मामलों में जमानत पा चुके हैं. अब केवल प्राथमिक स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले मामले में चटर्जी द्वारा दायर याचिका पर फैसला आना बाकी है. सीबीआइ ने 27 दिसंबर, 2022 को प्राथमिक स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी.

राजनीतिक हलचल और भविष्य :

चटर्जी की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी. तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट की राहत के बावजूद उनका नाम और गिरफ्तारी मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है. तीन वर्षों से अधिक समय जेल में गुजार चुके चटर्जी अब कोर्ट के अगले फैसले के इंतजार में हैं. यदि प्राथमिक स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले मामले में जमानत मिल जाती है, तो लंबे समय के बाद वह जेल से बाहर आयेंगे, जिससे उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन में नये अवसर खुलने की संभावना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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