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उत्तर पुस्तिका का ठीक से नहीं हुआ मूल्यांकन, हाइकोर्ट ने जतायी हैरानी

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उत्तर पुस्तिका का ठीक से नहीं हुआ मूल्यांकन, हाइकोर्ट ने जतायी हैरानी

मांगा हलफनामा

कोलकाता. एक माध्यमिक परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका देख कर कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश सौगत भट्टाचार्य ने हैरानी जतायी. उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि आमतौर पर देखने पर पता चल रहा है कि नंबर ठीक तरीके से नहीं दिया गया है. जीव विज्ञान में 11 नंबर मिलने का दावा करते हुए एक छात्र ने हाइकोर्ट में मामला दर्ज कराया था. उसका आरोप था कि नंबर देते हुए परीक्षक ने कई जगह ठीक से नंबर नहीं दिया. न्यायाधीश ने माध्यमिक शिक्षा पर्षद को किसी अन्य परीक्षक से मूल्यांकन कराने का निर्देश दिया. जीव विज्ञान के प्रधान परीक्षक को पर्षद जरूरी कदम उठाने के लिए भी कहे. मामलाकारी छात्र पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम का रहनेवाला है. छात्र के अधिवक्ता ने कहा कि रिजल्ट आने पर जीव विज्ञान में उसका नंबर कम आया था. छात्र को बांग्ला में 97, अंग्रेजी में 99, गणित में 99, भौतिक विज्ञान में 95, इतिहास में 95, भूगोल में 99 नंबर मिला था. लेकिन जीव विज्ञान में उसे 82 नंबर मिला था. पर्षद के नियम के मुताबिक कोई भी छात्र रिजल्ट निकलने के बाद एक महीने के भीतर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है. लेकिन बीमार होने के कारण छात्र ऐसा नहीं कर पाया. समय-सीमा खत्म होने के बाद जब उसने आवेदन किया तो उसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद छात्र ने हाइकोर्ट में मामला दर्ज कराया. पर्षद को हलफनामा देने का भी निर्देश दिया गया है. एक महीने बाद मामले पर फिर से सुनवाई की संभावना है.

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