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शॉल विक्रेता की आड़ में आतंकी तो नहीं ! सीमांत इलाकों में फेरीवालों की पुख्ता पहचान की कवायद

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शॉल विक्रेता की आड़ में आतंकी तो नहीं ! सीमांत इलाकों में फेरीवालों की पुख्ता पहचान की कवायद

बनगांव.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बीच एक के बाद एक घुसपैठियों की गिरफ्तारी व हाल ही में कैनिंग से कश्मीरी आतंकी की गिरफ्तारी से प्रशासन चौकस हो गया है. भारत-बांग्लादेश के सीमांत इलाकों में कड़ी नजरदारी रखी जा रही है. इसी क्रम में भारत-बांग्लादेश के सीमांत के बनगांव नगरपालिका क्षेत्र में अब शॉल बेचने वाले फेरीवालों की पुख्ता पहचान की कवायद शुरू की गयी है. इसके लिए बनगांव नगरपालिका ने पुलिस प्रशासन से अपील की है.

पहले से जारी है निर्देश, पर मकान मालिकों में लापरवाही :

सुरक्षा के मद्देनजर बंगाल में पुलिस प्रशासन की ओर से पहले से ही यह निर्देश है कि अगर कहीं कोई आकर किराये पर घर लेकर रह रहा है या कोई घर में किसी कर्मचारी को काम पर रख रहा है, तो उसके बारे में पुख्ता जानकारी मालिकों को स्थानीय थानों में सौंपनी होगी. लेकिन कई बार घटनाएं होने के बाद कुछ हद तक मकान मालिक सक्रिय दिखते हैं, तो फिर इन मामलों में टाल-मटोल देखा जाता है. कोलकाता समेत आस-पास के कई इलाकों में कुछ हद तक इन मामलों में सक्रियता होने के बावजूद जिलों में खासकर ग्रामीण अंचलों में कई इलाकों में ऐसी सक्रियता का अभाव है.

जानकारी की कमी में कई महीने बाद पकड़े जाते हैं घुसपैठिये :

पुलिस से अपील की गयी है कि क्या बाहर से आनेवाले फेरीवाले व्यवसायी ही हैं या इनके पीछे कोई गलत मंशा है. इसके लिए प्रशासन कदम उठाये. दावा है कि कई मामले में घुसपैठियों की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें यह देखा गया है कि वे लोग आकर बनगांव के किसी न किसी वार्ड क्षेत्र में कहीं घर किराये पर लेकर रह रहे थे. उनकी जानकारी नहीं रहने से ही कई महीने बाद पकड़े जाने पर घुसपैठिये होने का पता चलता है. सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि ताकि शॉल व्यवसायी की आड़ में कोई आतंकी न आ जाये. कश्मीरी आतंकी की गिरफ्तारी के बाद और सतर्कता जरूरी है. इसके लिए बनगांव थाने को चेयरमैन ने पत्र लिख कर अपील सक्रिय कदम उठाने की अपील की गयी है.

हाल ही में कैनिंग से हुई थी कश्मीरी आतंकी की गिरफ्तारी :

बता दें कि कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में कैनिंग से एक आतंकी को गिरफ्तार किया गया था, जो कश्मीर के प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन का सदस्य है. उसने बनगांव के गाइघाटा में ही किराये पर एक घर लिया था. वह कैनिंग से फिर बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान जाने की फिराक में था.

घर-घर भी घूम कर भी़, तो किराये पर भी लेकर चलाते हैं दुकान :

जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश से सटे बनगांव में ठंड के मौसम में कश्मीर समेत विभिन्न दूसरे राज्यों से भी बड़े पैमाने पर शॉल-कंबल बेचने वाले फेरीवाले आकर दुकान चलाते हैं. कोई किराये पर दुकान भी लेकर चलाते हैं, तो कई स्टॉल लगाकर तो कई घूम-घूम कर बिक्री करते हैं. गोपाल सेठ का भी कहना है कि हर साल अधिक संख्या में ठंड में कश्मीरी फेरीवाले आते हैं, जो यहां गांव-गां में घूम-घूम कर कंबल-शॉल बेचते हैं. इसलिए इलाके में सतर्कता बहुत ही जरूरी है.

चेयरमैन ने पुलिस को लिखा पत्र :

इधर, बनगांव नगरपालिका के चेयरमैन गोपाल सेठ ने कहा है कि उन्होंने इसे लेकर बनगांव थाना को पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र के जरिये कहा है कि हालही में कई अज्ञात शॉल विक्रेता व फेरीवाले बनगांव नगरपालिका क्षेत्र में सड़कों के किनारे, तो कई जगहों पर स्टॉल व दुकानें लगाकर गरम कपड़े व शॉल बिक्री कर रहे हैं. उनका मानना है कि वे लोग प्राय: कश्मीर या दूसरे राज्यों से आ रहे हैं. उनके बारे में नगरपालिका को भी किसी तरह की जानकारी नहीं है. बनगांव नगरपालिका का क्षेत्र बांग्लादेश के बार्डर इलाके से सटा हुआ है, इसलिए आम जन की सुरक्षा के लिए उनके बारे में पुख्ता सटीक जानकारी हासिल करना जरूरी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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