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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता गोदाम में आग कहां और कैसे लगी, इसका प्रशासन के पास नहीं है कोई स्पष्ट जवाब

गोदाम में आग कहां और कैसे लगी, इसका प्रशासन के पास नहीं है कोई स्पष्ट जवाब

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गोदाम में आग कहां और कैसे लगी, इसका प्रशासन के पास नहीं है कोई स्पष्ट जवाब

संवाददाता, कोलकाता

आनंदपुर के नजीराबाद में स्थित डेकोरेटर गोदाम के साथ मोमो कंपनी के गोदाम में हुए अग्निकांड की घटना में कई सवाल सामने आए हैं. हर किसी के मन में यह सवाल बड़ा घर कर रहा है कि असल में आग कैसे लगी? इस बारे में प्रशासनिक तौर पर कोई सटीक जानकारी नहीं दी गयी है. हालांकि, शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि आग सबसे पहले डेकोरेटर्स के गोदाम में लगी थी! उसके बाद, आग बगल की मोमो कंपनी के गोदाम में भी फैल गयी. आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते उसने आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया.

आग लगने के बाद कुछ लोग वहां से सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे, लेकिन कई लोग भीतर ही फंस गये. प्राथमिक जांच में पुलिस व दमकल कर्मियों का अनुमान है कि आग लगने के बाद गोदाम का भीतरी हिस्सा काले दम घोंटू धुएं से भर गया होगा. धुएं की वजह से दम घुटने की स्थिति भी बन गयी. इसी बीच नींद में दम घुटने की वजह से कुछ लोग बेहोश हो गये, इस वजह से वे बाहर निकल नहीं सके. गोदाम में जिन-जिन जगहों पर बॉडी पार्ट्स मिले हैं, उन सभी जगहों का रिव्यू करके घटना का आउट लाइन बनाने का प्रयास किया जा रहा है.

कई लोगों ने गोदाम के पिछले हिस्से में भागकर की थी जान बचाने की कोशिश: पुलिस सूत्र बताते हैं कि शुरुआती जांच में पता चला है कि आग लगने के बाद कुछ लोगों ने गोदाम के सामने से निकलने की कोशिश की, वहीं कुछ पिछले हिस्से में जान बचाने के लिए भाग गये. इधर, गोदाम में अलग-अलग जगहों पर ज्वलनशील पदार्थ भरे होने के कारण आग तेजी से फैल गयी. डेकोरेटर्स और मोमो के गोदाम के बीच में थोड़ी जगह थी. लेकिन, उस खाली जगह पर भी कई तरह की ज्वलनशील सामग्री रखे होने के कारण आग डेकोरेटर्स के गोदाम से मोमो के गोदाम तक फैल गयी. उस गोदाम में भी जगह-जगह आग पकड़ने वाले पदार्थ रखे हुए थे. आग लगते ही कुछ ही मिनटों में पूरा गोदाम आग की लपटों में घिर गया.

शुरुआती पूछताछ में जांच अधिकारियों को पता चला है कि गोदाम के एक हिस्से में खाना पकाने की जगह थी. इसके अलावा, गोदाम के अंदर दो कमरे थे. डेकोरेटर फैक्टरी में काम करने वाले कई लोग वहीं रहते थे. मजदूरों ने रहने के लिए प्लाईवुड और लकड़ी से एक ढांचा बनाया था. इस अग्निकांड में सब कुछ जल गया. हालांकि, प्राथमिक जांच में पुलिस का अंदाजा है कि आग, खाना पकाने की जगह से नहीं फैली है. आग का श्रोत कहीं अन्य था. इस बीच सवाल यह उठता है कि क्या गोदामों में आग बुझाने का कोई सिस्टम था भी या नहीं. फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, गोदाम में आग बुझाने का कोई ठोस सही सिस्टम नहीं था. इसी खुलासे के बाद दमकल विभाग की तरफ से स्थानीय थाने में लापरवाही से जुड़ी लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी है.

उनकी शिकायत के आधार पर नरेंद्रपुर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मौके से सैंपल इकट्ठा करने का काम चल रहा है. कुछ सैंपल फोरेंसिक टीम ने पहले ही इकट्ठा कर लिए हैं. हालांकि, कुछ और सैंपल अभी इकट्ठा किया जाना बाकी हैं. उन सैंपल को इकट्ठा करने का काम चल रहा है.

बताया जा रहा है कि, नजीराबाद में लगी आग सिर्फ दो गोदामों तक ही सीमित नहीं थी, यह आस-पास के कई इलाकों में भी फैल गयी थी. एक अन्य गोदाम के मालिक बीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पास के गोदाम में आग लगने की जानकारी मिलते ही उन्होंने सबसे पहले 101 पर कॉल किया. दमकलकर्मियों ने वहां पहुंचकर आग बुझाना शुरू किये, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था.

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