[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी

अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी

0
अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी

Adhir Ranjan Chowdhury Attacks Mamata Banerjee TMC: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी अपनी करनी का फल भुगत रहीं हैं. उन्होंने बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी उथल-पुथल की तुलना वर्ष 2016 के बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में कांग्रेस में हुए दलबदल से की, जिसकी वजह से पार्टी कमजोर हो गयी थी.

इतिहास खुद को दोहराता है : अधीर रंजन चौधरी

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पूर्व प्रमुख ने इस मौके पर ‘साधारण टीएमसी कार्यकर्ताओं’ से कहा कि उन लोगों के लिए कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं, जिन्होंने पूरी श्रद्धा से टीएमसी के लिए काम करते हुए राजनीतिक उत्पीड़न का सामना किया. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद लेकर बढ़ते संकट के बीच संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि इतिहास खुद को दोहराता है.

58 विधायकों ने रीतब्रत का किया समर्थन

टीएमसी में विद्रोह ने बुधवार को उस समय निर्णायक मोड़ ले लिया, जब 58 बागी विधायकों ने निष्कासित विधायक रीतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता बनाने का समर्थन किया. फिर विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने विद्रोही गुट को सदन में आधिकारिक मुख्य विपक्ष के रूप में मान्यता दे दी.

इसे भी पढ़ें : बंगाल में 28 साल का सबसे बड़ा भूचाल, ममता में ‘लेनिन’ को देखने वाले रीतब्रत बने टीएमसी के 58 बागियों के ‘बॉस’

2016 में ममता ने कांग्रेस को खत्म करने की कोशिश की : चौधरी

चौधरी ने आरोप लगाया कि 2016 के विधानसभा चुनावों के बाद, जब कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी, तब टीएमसी नेताओं ने कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं का दल-बदल कराने के लिए ‘धमकियों और प्रलोभनों’ का सहारा लिया. विधायी तौर-तरीकों व विधानसभा के नियमों की परवाह किये बिना पार्टी को खत्म करने की कोशिश की.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कभी दलबदल के खेल की अंपायर-रेफरी थीं ममता : चौधरी

अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा- पूर्व मुख्यमंत्री एक समय राजनीतिक दलबदल के खेल की अंपायर और रेफरी मानी जाती थीं, लेकिन अब यह भूमिका भाजपा ने ले ली. उन्होंने कहा- आज, इतिहास के एक अलग मोड़ पर, टीएमसी ताश के पत्तों की तरह ढहने की कगार पर खड़ी है. भूमिकाएं बदल गयी हैं, लेकिन दलबदल का खेल जारी है.

इसे भी पढ़ें : बंगाल में ढह गया ममता बनर्जी का सबसे अभेद्य किला, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने दिया इस्तीफा

Adhir Ranjan Chowdhury: 44 में 18 कांग्रेस विधायक टीएमसी में शामिल हुए थे

अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, विधानसभा चुनाव 2016 के बाद कांग्रेस के 44 विधायकों में से लगभग 18 अंततः बंगाल की तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी में शामिल हो गये थे, जिसके कारण विधानसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या कम होती गयी. चौधरी ने कहा- जो खेल ममता बनर्जी ने शुरू किया और महारत हासिल की, उसमें भाजपा ने उन्हें मात दे दी.

इसे भी पढ़ें

ममता बनर्जी का कोलकाता की सड़कों पर चटाई बिछाकर धरना, टीएमसी में टूट की आशंका के बीच ‘दिल्ली चलो’ का नारा

177 सीटों पर धांधली का ममता बनर्जी ने लगाया आरोप, दिल्ली में भाजपा विरोधी ‘चक्रव्यूह’ बनाने का ऐलान

बागी विधायकों ने बनाया सीक्रेट हेडक्वार्टर! प्रशांत किशोर के पुराने नेटवर्क की मदद से ‘ममता मुक्त TMC’ की तैयारी

ममता बनर्जी से 60 विधायकों ने बनायी दूरी, बिना मंच-लाउडस्पीकर के दीदी का धरना, खूब गरजीं टीएमसी सुप्रीमो

Previous article मानसून से पहले स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करें : डीसी
Next article केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता त्रस्त
Avatar Of Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel