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तालाब के नकली कागजात बना पाटने की कोशिश का आरोप, निगम एक्शन में

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तालाब के नकली कागजात बना पाटने की कोशिश का आरोप, निगम एक्शन में

दो सरकारी विभागों में तालाब का विवरण अलग-अलग

निगम के कागजातों में वह तालाब है जबकि भूमि व भूमि सुधार विभाग के रिकॉर्ड में आवासीय जमीन

संवाददाता, हावड़ा.

मध्य हावड़ा के हावड़ा नगर निगम अंतर्गत वार्ड नंबर 26 के माधव घोष लेन के बादामपुकुर इलाके में एक तालाब के नकली कागजात बनाकर उसे स्थानीय प्रमोटर द्वारा पाटे जाने का आरोप लगा है. चौंकाने वाली बात यह है कि निगम के रिकॉर्ड में यह एक तालाब है, जबकि भूमि व भूमि सुधार विभाग के रिकॉर्ड में उस तालाब को आवासीय भूमि दिखाया गया है. पिछले चार-पांच महीने से इस तालाब को पाटने की कोशिश का आरोप है. इसकी जानकारी निगम को मिली है. निगम ने इसके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया है.

जानकारी के अनुसार, बादामपुकुर इलाके में यह तालाब पांच कट्ठे की जमीन पर फैला है. यह तालाब वर्षों पुराना है. स्थानीय लोगों के मुताबिक इस तालाब में हमेशा पानी रहता था. वे नहाने से लेकर दैनिक काम तक इस तालाब में करते थे. बारिश के दिनों में यह तालाब काफी लाभप्रद होता है क्योंकि बारिश का पानी इस तालाब में गिरने से जल-जमाव की समस्या यहां नहीं होती है, लेकिन अभी इस तालाब का अधिकांश हिस्सा पाटा जा चुका है. स्थानीय लोगों ने बताया कि तालाब के पास में एक मकान को तोड़ने का काम किया जा रहा है और यहां से निकलने वाले ईंटों को तालाब में साजिश के तहत फेंका जा रहा है. लोगों ने बताया कि यह कैसे संभव है कि दो सरकारी विभाग में एक जलाशय का विवरण अलग-अलग है.

निगम के रिकार्ड में यह जलाशय है, जबकि दूसरे सरकारी विभाग के रिकॉर्ड में यह एक जमीन है. वहीं, स्थानीय क्लब की ओर से तालाब को बचाने के लिए निगम को सूचित किया गया है. लोगों का कहना है कि अगर तालाब पाट दिया गया, तो जल-जमाव की समस्या से उन्हें भुगतना पड़ेगा. हालांकि स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बिना सत्ता पक्ष के नेताओं की मदद के यह संभव नहीं है.

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