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डीवीसी को बांटा गया, तो होगा व्यापक आंदोलन : इंटक

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डीवीसी को बांटा गया, तो होगा व्यापक आंदोलन : इंटक

बांकुड़ा. इंटक ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने दामोदर घाटी निगम(डीवीसी) को बांटा, तो इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जायेगा. जिला इंटक के महासचिव सुब्रत मिश्रा ने कहा कि संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की कोशिशों का पुरजोर विरोध किया जायेगा. इंटक संचालित कर्मचारी संघ की केंद्रीय कमेटी के नेताओं ने रविवार को झारखंड के चंद्रपुरा में बैठक कर रणनीति बनायी. संयुक्त मंच के नेताओं ने 24 जुलाई को डीवीसी टावर्स में सर्वदलीय बैठक बुलायी है. सभी श्रमिक यूनियनों का संगठित होकर संघर्ष करना सार्थक रहेगा. सुब्रत मिश्रा ने डीवीसी को बचाने के लिए यूनियनों के एकजुट होकर आंदोलन करने पर जोर दिया. डीवीसी के श्रमिक संगठनों में कौन श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करेगा, इसे चुनाव के जरिये तय करने के वास्ते श्रमायुक्त ने पत्र भेजा है. ध्यान रहे कि डीवीसी में पहला चुनाव 2019 में हुआ था. तब तृणमूलकर्मियों के संगठन कामगार संघ जीता था. दूसरा चुनाव 2022 में हुआ. सीटू के नेतृत्ववाले डीवीसी ट्रेड यूनियन ने लड़ाई लड़ी और इंटक, यूटीयूसी समेत कुछ संगठनों के साथ मिल कर संयुक्त मंच बनाया गया. उसका कार्यकाल गत 16 जून को पूरा हो गया है. फिर चुनाव का पत्र मिलने के बाद सभी यूनियनों का आंदोलन शुरू है. इस बीच, गत गुरुवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोलकाता के डीवीसी टावर्स में आकर डीवीसी चेयरमैन एस सुरेश कुमार और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और डीवीसी को तीन हिस्सों में बांटने का सुझाव दिया. मंत्री का तर्क है कि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीन भागों में बंट जाये, तो डीवीसी अधिक लाभदायक हो जायेगा. इस सुझाव से कांग्रेस का श्रमिक संगठन इंटक भड़क गया है. संगठन के महासचिव सुब्रत मिश्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने डीवीसी को फिर से निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची है. उधर, कर्मचारी संघ की केंद्रीय कमेटी के नेता व बोकारो पावर प्रोजेक्ट के सचिव सदन सिंह ने कहा कि 7 जुलाई 1948 को डीवीसी के गठन के दौरान जवाहर लाल नेहरू की मंत्रिस्तरीय बैठक में डीवीसी के लिए अलग कानून बना था. मेजिया इकाई के सचिव अरिंदम बनर्जी व रघुनाथपुर शाखा के सचिव देबाशीष बनर्जी, दुर्गापुर इकाई के सचिव अचिंत्य दास व कोलकाता इकाई के सचिव तपन दास ने कहा कि यदि केंद्र संबद्ध एक्ट की अनदेखी कर डीवीसी को बांटता है, तो बड़ा आंदोलन होगा.

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