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बांग्लादेश में फंसे बंगाल के लोगों व छात्रों को वापस लाने में जुटी राज्य सरकार

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बांग्लादेश में फंसे बंगाल के लोगों व छात्रों को वापस लाने में जुटी राज्य सरकार
Siliguri: Students studying in Bangladesh's universities after their return to India due to protest against the reintroduction of reservation in government jobs in the country, in Siliguri, Saturday, July 20, 2024. (PTI Photo)(PTI07_20_2024_000135B)

बंगाल सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से किया संपर्क

संवाददाता, कोलकातासरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ छात्र आंदोलन की आग पूरे बांग्लादेश में फैल गयी है. वहां समय के साथ हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार भी पड़ोसी देश के इस उग्र हालात से चिंतित है, क्योंकि बंगाल के कई निवासी और छात्र बांग्लादेश में फंसे हुए हैं. इसे लेकर राज्य सचिवालय नबान्न भवन के उच्च अधिकारियों ने नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया है. इस संबंध में राज्य के आवासीय आयुक्त को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं. शनिवार को राज्य सचिवालय की ओर से दिल्ली में राज्य के आवासीय आयुक्त को फोन किया गया. उन्हें यह विस्तृत जानकारी लेने को कहा गया है कि बंगाल के कुल कितने लोग व छात्र बांग्लादेश में फंसे हुए हैं? उनकी क्या स्थिति है? आवासीय आयुक्त को गृह मंत्रालय के साथ सभी प्रकार के समन्वय करने की जिम्मेदारी भी दी गयी है. बताया गया है कि इस घटना को लेकर राज्य सचिवालय पूरी तरह सतर्क है और अपने लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर प्रकार की मदद के लिए तैयार है. बांग्लादेश से 778 भारतीय छात्र स्वदेश लौटे : हिंसा प्रभावित बांग्लादेश से कुल 778 भारतीय छात्र विभिन्न भूमि पारगमन बिंदुओं के जरिये स्वदेश लौटे हैं. विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय ने कहा बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग भारतीय नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबद्ध अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं. अब तक 778 भारतीय छात्र भारत लौटे हैं. साथ ही करीब 200 छात्र ढाका और चटगांव एयरपोर्ट से नियमित उड़ान सेवाओं के जरिये स्वदेश लौटे हैं. बांग्लादेश में करीब 15,000 भारतीय नागरिक : विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों की संख्या लगभग 15,000 होने का अनुमान है. ढाका में भारतीय उच्चायोग और चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना में सहायक उच्चायोग भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी में सहायता कर रहे हैं.

4,000 से अधिक छात्रों के संपर्क में है विदेश मंत्रालय

बयान के अनुसार, विदेश मंत्रालय अपने नागरिकों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नागर विमानन, आव्रजन, भूमि बंदरगाहों और बीएसएफ अधिकारियों के साथ भी समन्वय कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय उच्चायोग और सहायक उच्चायोग बांग्लादेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे 4,000 से अधिक छात्रों के साथ नियमित संपर्क में हैं. तथा उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं. कर्फ्यू लगने से बंगाल की सीमाओं पर व्यापार बंदबनगांव. बांग्लादेश में सरकार ने शनिवार से कर्फ्यू लागू कर दिया. इस कारण बंगाल की सीमा पर व्यापार पूरी तरह से बंद हो गया. हालांकि शनिवार सुबह घोजाडांगा, उत्तर 24 परगना और पेट्रापोल की सीमा पर कुछ आयात-निर्यात हुआ, लेकिन दिन चढ़ने के साथ यह बंद भी कर दिया गया. नतीजा यह है कि सीमा पर ट्रकों की कतार लग गयी है. इसे जल्द नहीं खोला गया, तो ट्रकों पर लदे अनाज व अन्य कच्चे सामान सड़ने लगेंगे. व्यापारियों को भारी नुकसान होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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