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धान की तरह सब्जियों की भी प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया शुरू करना चाहती है राज्य सरकार

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धान की तरह सब्जियों की भी प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया शुरू करना चाहती है राज्य सरकार

सीएम ने मल्टी पर्पज कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करने का दिया प्रस्ताव संवाददाता, कोलकाता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य सचिवालय नबान्न भवन में सब्जियों की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जिस प्रकार से राज्य सरकार धान का प्रोक्योरमेंट करती है और इसे सीधे किसानों से खरीदती है. सब्जियों के मामले में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए. अगर सब्जियां भी सीधे किसानों से प्रोक्योर किया जाये, तो इससे इनकी कीमत नहीं बढ़ेगी. मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सरकारी अधिकारियों को प्याज का प्रोक्योरमेंट सीधे किसानों से करने की सलाह दी. इसके साथ ही आलू की कीमत पर सीएम ने कहा कि कुछ कारोबारी जान-बूझ कर कोल्ड स्टोरेज से आलू बाहर निकलने नहीं दे रहे. एक प्रकार से कृत्रिम मांग बढ़ायी गयी है. उन्होंने सरकारी अधिकारियों से कहा कि हमें इस पर ध्यान देना होगा और इस समस्या का समाधान करना होगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे कहा कि सब्जियों को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए मल्टी पर्पज कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करनी होगी, ताकि सब्जियों को भी लंबे समय तक संरक्षित करके रखा जा सके. ऐसे में सब्जियों पर मौसम की मार भी नहीं पड़ेगी और जरूरत के अनुसार बाजार में उपलब्ध रहेगी. मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार को इसे लेकर एक प्रस्ताव बनाने का सुझाव दिया. बड़ाबाजार में चावल व दाल की कीमतों पर भी मांगी रिपोर्ट : बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ाबाजार में चावल और दाल की थोक और खुदरा कीमतें नियंत्रण में हैं या नहीं, इसे लेकर रिपोर्ट तलब की है. उन्होंने कहा कि चावल व दाल की कीमतों को लेकर भी शिकायतें मिल रही हैं, आखिर चुनाव के बाद अचानक से इनकी कीमतें क्यों बढ़ गयी. उन्होंने टास्क फोर्स की टीम को बाजार का दौरा कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है. बिना डरे खायें तेलापिया मछली : सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना डरे खायें तेलापिया मछली. मंगलवार की बैठक में ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य इस साल अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सवाल किया कि क्या मछली के मामले में भी ऐसा ही होगा. ममता बनर्जी ने पूछा कि तेलापिया मछली खाने से कोई बीमारी हो सकती है या शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है या नहीं. अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला. तब ममता बनर्जी ने तेलापिया मछली खाने का सुझाव दिया. सीएम ने सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिये मछली पालन करने का दिया सुझाव मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग मछली खाना पसंद करते हैं. लेकिन आश्चर्य की बात है कि हमें अभी भी मछली अन्य राज्यों से लाना पड़ता है. मुख्यमंत्री ने राज्य को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार यहां सत्ता में आने के बाद से ””जल धरो, जल भरो”” योजना के तहत हजारों की संख्या में नये तालाब बनाये हैं. इन तालाबों में मछली पालन किया जा सकता है और उन्होंने सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से इनमें मछली पालन करने का सुझाव दिया.

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