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पश्चिम बंगाल में भी आयुर्वेद में नर्सिंग कोर्स कराने की मांग

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पश्चिम बंगाल में भी आयुर्वेद में नर्सिंग कोर्स कराने की मांग

राज्य में नसया के संयोजक ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव को भेजा ई-मेल

कोलकाता. 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया गया. इस मौके पर नेशनल आयुर्वेद स्टूडेंट्स एंड यूथ एसोसिएशन (नसया) की ओर से पश्चिम बंगाल में आयुर्वेद के क्षेत्र में भी नर्सिंग की पढ़ाई शुरू करने की मांग की गयी. राज्य में नसया के संयोजक डॉ केएल प्रधान ने इस मांग को लेकर राज्य के स्वास्थ्य सचिव को ई-मेल भेजा है.

इसमें डिप्लोमा इन आयुर्वेद नर्सिंग एंड फार्मेसी (डीएएनपी), नर्सिंग इन आयुर्वेद नर्सिंग एंड फार्मेसी के क्षेत्र में बीएससी कोर्स कराये जाने की मांग की गयी है. इस संबंध में संगठन के एक अन्य चिकित्सक ने बताया कि राजस्थान सहित कुछ अन्य राज्यों में आयुर्वेद के क्षेत्र में नर्सिंग कोर्स कराया जाता है. यह कोर्स करनेवाले छात्र-छात्राओं को सरकारी नौकरी भी दी जाती है. बंगाल में आयुर्वेदिक अस्पतालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. लेकिन अब तक राज्य के आयुर्वेदिक अस्पतालों में एलोपैथी से नर्सिंग करने वाले स्टूडेंट्स से कार्य कराया जा रहा है. इन नर्सों को आयुर्वेद का ज्ञान नहीं है. अगर आयुर्वेद से नर्सिंग करने वाले आयुर्वेदिक अस्पतालों के इंडोर विभाग में कार्य करेंगे, तो मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और नर्सों को भी सहूलियत होगी.

क्योंकि आने वाले दिनों में राज्य में आयुर्वेदिक अस्पतालों की संख्या और बढ़ सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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