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गरियाहाट के एक कैफेटेरिया पर सीबीआइ की नजर

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गरियाहाट के एक कैफेटेरिया पर सीबीआइ की नजर

शिक्षक नियुक्ति घोटाला मामला कैफेटेरिया में कम से कम सप्ताह में दो दिन बैठक होने की मिली जानकारी कोलकाता. शिक्षक नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ की नजर अब गरियाहाट स्थित एक कैफेटेरिया पर है. जांच अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें पता चला है कि इस घोटाले में प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के कई अधिकारी गरियाहाट में ओएमआर शीट के मूल्यांकन को लेकर एस बसु रॉय एंड कंपनी के कार्यालय से कुछ दूरी पर स्थित कैफेटेरिया में संगठन के अधिकारियों के साथ बैठक करते थे. सीबीआइ ने यह भी दावा किया कि उन्हें सबूत मिले हैं कि प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अपदस्थ अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य, जो प्राथमिक भर्ती भ्रष्टाचार के इडी मामले में जेल की हिरासत में हैं, ने एस बसु रॉय कंपनी के मालिकों और अधिकारियों के साथ उस कैफेटेरिया में कई बैठकें की थीं. संयोगवश, इस संगठन के एक निदेशक का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया. हालांकि, घोटाले की आरोपी एजेंसी के दो अधिकारी कौशिक माझी और पार्थ सेन सीबीआइ की हिरासत में हैं. स्वाभाविक रूप से, यह सवाल उठा है कि उस कैफेटेरिया में प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के कार्यालयों, गरियाहाट और साॅल्टलेक में एस बसु रॉय एंड कंपनी के कार्यालयों से परहेज क्यों किया गया? सीबीआई सूत्रों का दावा है कि कैफेटेरिया की पहचान हाल ही में की गयी है. 2016 से, शुरू में यह बताया गया कि सप्ताह में कम से कम दो दिन बैठकें होती थीं. उस जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है. सीबीआइ ने कहा कि अगले चरण में कैफेटेरिया के मालिकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जायेगी. ऐसे में जांचकर्ताओं का मानना है कि इस भर्ती भ्रष्टाचार में और भी बिचौलिये मिल सकते हैं.

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