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Home पश्चिम-बंगाल आसनसोल सफाईकर्मियों की हड़ताल से रानीगंज-जामुड़िया में संकट गहराया

सफाईकर्मियों की हड़ताल से रानीगंज-जामुड़िया में संकट गहराया

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सफाईकर्मियों की हड़ताल से रानीगंज-जामुड़िया में संकट गहराया

रानीगंज/जामुड़िया.

आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की मांगों की आग अब पूरे निगम क्षेत्र में फैल गई है.सोमवार को रानीगंज और जामुड़िया बोरो कार्यालयों के समक्ष सैकड़ों ठेका सफाई कर्मियों ने कामकाज ठप कर विरोध प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा. इस हड़ताल के कारण सड़कों और अस्पतालों के बाहर कचरे का अंबार लगना शुरू हो गया है.

मुख्य मांगें : वेतन 20,000 और ””””पहचान”””” की लड़ाई

आंदोलनकारी सफाई कर्मी शक्ति हांडी और निमाई रुइदास ने बताया कि वे सालों से अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की सफाई कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल ₹9,000 मासिक वेतन मिल रहा है.उनकी मुख्य मांगों में न्यूनतम वेतन ₹20,000 वर्तमान महंगाई को देखते हुए वेतन में वृद्धि की जाए. काटी गई पीएफ राशि का हिसाब और मासिक पे-स्लिप अनिवार्य रूप से दी जाए. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 4 दिन काम करने वाले और 26 दिन काम करने वालों को समान वेतन दिया जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है. पहचान पत्र न होने के कारण वे प्रमाणित नहीं कर पाते कि वे निगम के कर्मचारी हैं. सफाईकर्मियों ने भावुक होते हुए कहा कि जिस कोरोना-काल में लोग घरों से निकलने में डर रहे थे, तब उन्होंने ””””कोरोना योद्धा”””” बनकर शहर को साफ रखा. इसके बावजूद उन्हें न तो सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं और न ही उनके कार्य का उचित मूल्यांकन किया गया है.

प्रशासनिक रुख : बोरो चेयरमैन की अपील बेअसर

रानीगंज बोरो चेयरमैन मुज्जमिल शहजादा ने प्रदर्शनकारियों से हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा की बिना पूर्व सूचना के काम बंद करने से माध्यमिक परीक्षा के परीक्षार्थियों को जाम का सामना करना पड़ रहा है. कल ””””शब-ए-बरात”””” का त्योहार है और अस्पतालों में गंदगी से बीमारियां फैलने का डर है. जब आसनसोल में शुक्रवार से हड़ताल चल रही थी, तो रानीगंज में दो दिन बाद इसे क्यों शुरू किया गया? हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. चेयरमैन ने बताया कि फिलहाल 30 स्थाई सफाई कर्मियों के जरिए जरूरी जगहों पर सफाई कराई जा रही है, लेकिन 327 कैजुअल कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से व्यवस्था चरमरा गई है.

सफाईकर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को मेयर विधान उपाध्याय से मिलने आसनसोल पहुंचा था, पर उनकी अनुपस्थिति के कारण मुलाकात नहीं हो सकी. अब मंगलवार को फिर प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने जाएगा. वहीं, मेयर विधान उपाध्याय ने आश्वासन दिया है कि सभी मुद्दों पर चर्चा हो चुकी है और जल्द ही समाधान निकाल लिया जायेगा.

वहीं, जामुड़िया में भी अपनी लंबित मांगों को लेकर जामुड़िया बोरो के सफाईकर्मियों का आक्रोश अब फूट पड़ा है. सोमवार को जामुड़िया बोरो-1 कार्यालय के समक्ष सभी 12 वार्डों के लगभग 200 महिला और पुरुष सफाई कर्मियों ने हाथों में झाड़ू लेकर जोरदार प्रदर्शन किया.करीब एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण प्रशासनिक कामकाज और सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही.

वेतन 9,000 से बढ़ा कर 15,000 करने की मांग

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मी विष्णुदेव राम और मधु बाल्मीकि ने बताया कि लंबे समय से वेतन वृद्धि की गुहार लगाई जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिल रहा है. उनकी प्रमुख मांगो में वर्तमान में मिल रहे ₹9,000 मासिक वेतन को बढ़ाकर कम से कम ₹15,000 किया जाए. वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके. सभी सफाई कर्मियों को पीएफ और ईएसआई जैसी बुनियादी चिकित्सा और आर्थिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं.

मांगें पूरी होने तक बंद रहेगा काम

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं.प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सफाई कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। 12 वार्डों के 200 से अधिक कर्मियों के एक साथ हड़ताल पर जाने से जामुड़िया क्षेत्र में कूड़ा उठाव और सफाई व्यवस्था चरमराने की आशंका पैदा हो गई है. कर्मचारियों का कहना है कि वे दिन-रात शहर को साफ रखने का काम करते हैं, पर उनके खुद के भविष्य का ठिकाना नहीं है. पीएफ व ईएसआइ की सुविधा ना मिलने से किसी दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में उनके पास कोई सहारा नहीं होता.

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