1.19 करोड़ की हुई ठगी, थर्ड पार्टी खाते में किया पेमेंट

साइबर अपराधियों के इंवेस्टमेंट स्कैम का एक और मामला आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट इलाके में सामने आया.

By AMIT KUMAR | April 15, 2026 9:50 PM

आसनसोल/दुर्गापुर.

साइबर अपराधियों के इंवेस्टमेंट स्कैम का एक और मामला आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट इलाके में सामने आया. दुर्गापुर विधाननगर सेक्टर बी के निवासी शिलादित्य पाल को साइबर अपराधियों ने इंवेस्टमेंट स्कैम के चक्कर मे फंसाकर 1,19,26,118 रुपये की ठगी कर ली. जिसकी शिकायत उन्होंने एनसीआरपी में और फिर आसनसोल साइबर क्राइम थाना में दर्ज करायी. जिसके आधार पर केस नम्बर 25/26 में बीएनएस की धारा 316(2)/318(4)/319(2)/336(3)/338/340(2)/61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई.

क्या है पूरा मामला

पीड़ित श्री पाल ने अपनी शिकायत में बताया कि के-3 एचडीएफसी सिक्योरिटीज नामक एक कथित निवेश कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 14 फरवरी को व्हाट्सएप पर उन्हें आमंत्रण किया गया. सेबी रजिस्ट्रेशन नम्बर भी था. ऑनलाइन इसकी जांच पड़ताल करने पर उन्होंने इसे सही पाया. जिसके बाद उन्हें भरोसा होगा और उन्होंने ट्रेडिंग अकाउंट के लिए रजिस्टर किया. 15 फरवरी 26 से 25 मार्च 26 तक उन्होंने ब्लॉक ट्रेड और आइपीओ में अनेकों ट्रांजेक्शन के जरिये थर्ड पार्टी अकाउंट में कुल 1,19,26,618 रुपये निवेश किया. जब पैसे निकालने गये, तो उन्हें नहीं मिला. उन्हें कहा गया मुनाफा की राशि का 20 फीसदी भुगतान करना होगा. इसके बाद 10 फीसदी अतिरिक्त राशि की मांग की गयी.

उन्होंने 27 मार्च को इसे लेकर आरबीआइ और सेबी के साथ अनेकों विभाग को मेल भेजा. सेबी से उन्हें कंफर्मेंशन मिला कि थर्ड पार्टी एसेट मैनेजमेंट अकाउंट फ्रॉड थे. उन्होंने छह अप्रैल को एंसीआरपी में इसकी शिकायत की और मंगलवार को आकार साइबर क्राइम थाना आसनसोल में शिकायत दर्ज करायी. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

ऑनलाइन निवेश करने से पहले किसी भी अच्छे सलाहकार से पूरे विषय को जान लें, उसके बाद ही आगे बढ़े. मोबाइल पर आया हुआ मैसेज पर भरोसा करके कभी भी निवेश न करें. इन्वेस्टमेंट स्कैम के जरिये साइबर अपराधी प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को लूट रहे हैं. इस मामले में भी पीड़ित ने शिकायत में बताया कि वह अच्छी तरह से पड़ताल करने के बाद ही इतनी बड़ी राशि का निवेश किया. सजग रहे, सावधान रहें और जागरूक बने. पैसे कमाने के शॉर्टकर्ट तरीका पर भरोसा न करें. जागरूकता से ही साइबर अपराध का अंत होगा.

डॉ अरविंद कुमार आनंद,

डीसीपी-साइबर क्राइम