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तिराट में मां कल्याणेश्वरी मेला का हुआ आगाज

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तिराट में मां कल्याणेश्वरी मेला का हुआ आगाज

चार सदियों से होता आ रहा मां कल्याणेश्वरी मेला रानीगंज. रानीगंज के ग्रामीण अंचल तिराट में क्षेत्र का प्रसिद्ध सात दिवसीय ””””मां कल्याणेश्वरी मेला”””” सोमवार से भक्ति और उत्साह के साथ शुरू हो गया सप्तमी के शुभ अवसर पर मंगल कलश स्थापना और होम-यज्ञ के साथ पूजा-अर्चना शुरू हुई. इस मेले का औपचारिक उद्घाटन आसनसोल जिला अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. निखिलानंद दास ने नर-नारायण सेवा (महाभोज) के माध्यम से किया.इस अवसर पर जिनके मन्नत पूरी हुई उनलोगों ने दंडी किया.

इसीएल की सामाजिक पहल

मेले के पहले दिन ईसीएल के सातग्राम और श्रीपुर क्षेत्र के जनरल मैनेजर रबिन थानुजा और एजेंट मनोज कुमार भी मंदिर पहुँचे.उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में ठंडे और शुद्ध पेयजल की मशीन स्थापित की. जीएम रबिन थानुजा ने कहा कि भविष्य में ईसीएल सीएसआर फंड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में और भी जनकल्याणकारी कार्य करेगा. रोचक है मंदिर का इतिहासमान्यताओं के अनुसार, लगभग 400 साल पहले डमालिया गांव का एक व्यक्ति मायथन स्थित मां कल्याणेश्वरी मंदिर में बकरे की बलि देने जा रहा था. रास्ते में तिराट गांव के पास एक पेड़ के नीचे विश्राम करते समय उसे स्वप्न आया कि मां स्वयं यहां विराजमान हैं और उसे मायथन जाने की आवश्यकता नहीं है तभी से यहां पूजा शुरू हुई. वहीं, मेले की शुरुआत के पीछे एक अन्य कहानी है. कहा जाता है कि 1979 में तिराट कोलियरी के मैनेजर अजय राय, जो निःसंतान थे, उन्होंने यहां मन्नत मांगी थी. पुत्ररत्न की प्राप्ति के बाद उन्होंने 1980 से यहां भव्य मेले की शुरुआत करवाई. सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूमसोमवार को आयोजित महाभोज में लगभग 10 हजार भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया.

मेले में सात दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे

मंगलवारकी जी सारेगामापा और ””””उल्लास”””” बैंड के कलाकार अरिजीत चटर्जी की प्रस्तुति.बुधवार को फरीदपुर दुर्बार नाट्य संस्था द्वारा बंगला जात्रा ””””महातीर्थ कालीघाट.गुरुवार को बंगला जात्रा ””””एकालेर महाभारत””””.30 जनवरी को देवराज नाट्य संस्था (आद्रा) द्वारा ””””प्रतिशोधेर सिंदूर””””, जिसमें प्रसिद्ध अभिनेता राजा चटर्जी मुख्य भूमिका में होंगे.31 जनवरी को समापन दिवस पर असित चक्रवर्ती अभिनीत बंगला जात्रा ‘आजकेर अभिमन्यु’ प्रस्तुत की जायेगी. मेले में विभिन्न दुकानों और लजीज व्यंजनों के स्टॉल्स से रौनक बढ़ गयी है. मंदिर कमेटी के सदस्य व स्थानीय लोग मेले को सफल बनाने में जुटे हैं.

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