UP News: लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड, जिसमे 15 लोगों की मौत हो गई थी, उसके बाद विवादों में आई अवैध इमारत पर अब कार्रवाई तय मानी जा रही है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा जारी 15 दिन की नोटिस अवधि आज सोमवार को समाप्त हो रही है. जवाब नहीं मिलने पर मंगलवार (7 जुलाई) से इमारत को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है.
23 जून को जारी हुआ था नोटिस
LDA ने 23 जून को भवन मालिक को नोटिस जारी कर पूछा था कि बिना अनुमति निर्माण क्यों किया गया और इस अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. अधिकारियों के अनुसार,अब तक भवन मालिक की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है. ऐसे में नोटिस की अवधि पूरी होते ही इमारत गिराने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है.
पुलिस की मौजूदगी में होगी कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा. प्रशासन पूरी कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा करेगा.
तोड़ने का पूरा खर्च मालिक से लिया जाएगा
LDA ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को गिराने में जो भी खर्च आएगा, उसकी वसूली भवन मालिक से ही की जाएगी. इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
SIT रिपोर्ट में बिजली विभाग पर भी उठे सवाल
अग्निकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में LDA के कुछ अधिकारियों के साथ-साथ बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
नियमों की अनदेखी कर दिया गया बिजली कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि भवन को नियमों का पूरी तरह पालन किए बिना बिजली कनेक्शन दिया गया था. इतना ही नहीं, बिजली का लोड बढ़ने के बावजूद विभाग की ओर से समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी होती रही.
निलंबित इंजीनियरों के भी दर्ज हुए बयान
SIT ने जांच के दौरान अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए LDA के तत्कालीन इंजीनियरों के बयान भी दर्ज किए हैं. फिलहाल शासन रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है. रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और विभागों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
– खुशबू कुमारी की रिपोर्ट
