[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Rajya उत्तर प्रदेश 33 निजी स्कूलों पर डीएम का एक्शन, ठोका लाख रुपए का जुर्माना, जानें मामला

33 निजी स्कूलों पर डीएम का एक्शन, ठोका लाख रुपए का जुर्माना, जानें मामला

0
33 निजी स्कूलों पर डीएम का एक्शन, ठोका लाख रुपए का जुर्माना, जानें मामला
School

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। किताबों की खरीद को लेकर छात्रों और अभिभावकों पर दबाव बनाने वाले 33 नामी स्कूलों पर जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैसिया ने बड़ी कार्रवाई की है. दरअसल, स्कूलों द्वारा जबरदस्ती छात्रों को निजी प्रकाशन की किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे. ऐसे में जिलाधिकारी ने इन सभी स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है.

DM के दिशा निर्देश पर हुई कार्रवाई

जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन अधिनियम, 2018 के अंतर्गत की है. दरअसल, स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें छात्रों पर थोपी जा रही थीं और अभिभावकों को खास दुकानों से खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा था. जब अभिभावकों ने मामले की शिकायत दर्ज कराई तो, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैसिया के दिशा निर्देश पर SDM डॉ. वंदना मिश्रा और DIOS श्यामा कुमार ने सैंट मैरी स्कूल में छापेमारी की कार्रवाई की. इस दौरान जांच में पाया गया कि शिक्षकों द्वारा उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों की किताबें पढ़ाई जा रही थी. इसके बाद जनपद स्तर की शुल्क नियामक समिति ने सभी संबंधित स्कूलों की विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया.

यह भी पढ़ें- मेट्रो नेटवर्क के मामले में यूपी सबसे आगे, इतने शहरों में मिल रही सेवा, 8 जिलों में प्रस्तावित

यह भी पढ़ें- सीएम योगी का संकल्प, अब हर गरीब के पास होगी दुधारू गाय

नियामक समिति ने किया भंडाफोड़

दरअसल, जिलाधिकारी ने 12 अप्रैल को CBSE और ICSE से संबद्ध स्कूलों में किताबों की जांच के लिए जनपद स्तर पर अधिकारियों की तैनाती की थी. जब जांच किया गया तो यह सामने आया कि कई स्कूल NCERT की बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें इस्तेमाल कर रहे हैं और अभिभावकों को खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है. इस मामले में 17 अप्रैल को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई, जिसमें जांच रिपोर्ट को गंभीरता से लिया गया और आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया गया.

एक-एक लाख रुपए का जुर्माना

नियामक समिति ने इस मामले में उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन अधिनियम की धारा 8, उपधारा 10 (क) का उल्लंघन माना, जिसमें पहली बार नियम तोड़ने पर 1 लाख रुपए का जुर्माना तय है. ऐसे में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल एक सप्ताह के भीतर यह जुर्माना DFRC (जिला शुल्क नियामक समिति) के खाते में जमा करें और जमा की गई रसीद जिला विद्यालय निरीक्षक को अनिवार्य रूप से सौंप दें.

यह भी पढ़ें- UP IAS Transfer: यूपी में तबादलों की बयार, 6 आईएएस अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर, देखें लिस्ट

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel