Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. चंपत राय इस बैठक में शामिल नहीं हुए. वहीं गोपाल राव को ट्रस्ट की बैठक में जाने से रोक दिया गया. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. जहां बैठक हो रही थी गोपाल राव वहां जाने का प्रयास कर रहे थे. ट्रस्ट के सदस्यों ने उनसे कहा कि आप बाहर जाइये. ट्रस्ट सदस्यों के कहे जाने के बाद गोपाल राव बाहर चले गए.
अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर अभी संशय बरकरार
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय का इस्तीफा मंजूर किए जाने के बाद अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर ट्रस्ट के सदस्यों के बीच चर्चा हुई. हालांकि, अनिल मिश्रा के इस्तीफे की मंजूरी पर अभी संशय बरकरार है. बता दें चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ही एक साथ मौजूद थे. चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ही बैठक में नहीं पहुंचे हैं. दोनों के इस्तीफे के मंजूरी की अधिकृत जानकारी ट्रस्ट द्वारा प्रेस वार्ता में दी जाएगी. बैठक खत्म होने के बाद प्रेस वार्ता कभी भी हो सकती है.
बैठक में CEO नियुक्त करने के सुझाव पर भी चर्चा
राम मंदिर में काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह CEO नियुक्त करने के सुझाव पर भी बैठक में चर्चा हुई. हालांकि ट्रस्ट के सदस्यों ने इस व्यवस्था को लागू करने के पक्ष में सहमति नहीं दी. बैठक में शामिल होने वाले सभी सदस्यों का मोबाइल बाहर जमा करा लिया गया था. ऐसे में प्रेस कांफ्रेंस के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं.
अयोध्या में भारी सख्या में पुलिस बल की तैनाती
मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए ट्रस्ट के पदाधिकारी अयोध्या पहुंच गए हैं. बैठक को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग कर चारपहिया वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है. बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज राम मंदिर परिसर पहुंचे और बैठक में शामिल हुए.
चंपत राय भी पहुंचे राम मंदिर
अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक के लिए चंपत राय भी राम मंदिर पहुंचे. बताया जा रहा है कि यह बैठक मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के बाद ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफ़े पर फ़ैसला लेने के लिए बुलाई गई है.
बैठक में होने वाले निर्णयों पर टिकी हर किसी की नजरें
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय मामलों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. विशेष रूप से मंदिर में चढ़ावे से जुड़े प्रबंधन और हाल के दिनों में उठे आरोपों पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है, इसके अलावा ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से जुड़े मामलों को लेकर भी बैठक में समीक्षा की जा सकती है. सभी की नजरें बैठक में होने वाले निर्णयों पर टिकी हुई हैं, जो आगे की दिशा तय कर सकते हैं.
अखिलेश यादव ने पूछा- SIT की जांच में कंट्रोल किसके पास है?
राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि, “सच तो यह है कि चढ़ावे, दान और चंदे पर पलने वाला चोरों का यह गिरोह जनता के गुस्से का सामना नहीं कर पा रहा है. यह गिरोह जनता की नाराज़गी से डरा हुआ है, इसीलिए वे घरों में छिपे बैठे हैं. सत्ता की लड़ाई चल रही है. दिल्ली वाले गुट के कोई योजना बनाने से पहले ही लखनऊ वाले गुट ने सब कुछ अपने हाथ में ले लिया. उन्होंने कहा कि SIT क्या है?. अगर ED, CBI या इनकम टैक्स (जांच में) शामिल होते, तो जांच की कमान किसके हाथ में होती? SIT की जांच में कंट्रोल किसके पास है? सत्ता की लड़ाई चल रही है.
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