Lucknow Fire : एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली, जिनमें अधिकांश छात्र थे. आग इतनी तेजी से फैली कि जान बचाने के लिए कई छात्रों को छत से छलांग लगानी पड़ी. घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया. हादसे के बाद से कई परिवार अपने बच्चों की तलाश में अस्पतालों और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं.
आलमबाग निवासी पारिजोत सिंह ने बताया कि उनके बेटे का फोन आया था. उसने घबरायी आवाज में कहा कि पापा, आग लग गयी है, मुझे बचा लीजिए. इसके बाद परिवार घटनास्थल पहुंचा, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली. देर रात तक बेटे के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से परिवार की बेचैनी और बढ़ गयी.
PHOTO | At least 15 people, primarily students, were killed and seven others injured after a massive fire swept through a three-storey commercial building in the Aliganj area of north Lucknow on Monday afternoon.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 22, 2026
The blaze broke out in a complex on Usha Mehta Marg that housed an… pic.twitter.com/8WvQsyXnee
हर तरफ आग की लपटें और धुआं-धुआं
घटनास्थल के पास से गुजर रहे लोगों ने बताया कि आग की लपटें और धुआं दूर से दिखाई दे रहा था. स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत के अंदर कई छात्र फंसे हुए थे. कुछ लोगों ने आशंका जतायी कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी.
मां की आंखों के सामने बुझ गयी बेटे की जिंदगी
अलीगंज निवासी आदित्य श्रीवास्तव की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया. बेटे से मिलने बिसवां से पहुंचीं उनकी मां के सामने ही हादसा हो गया. परिजन उसे बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली. मामा रविन्द्र श्रीवास्तव ने इस हादसे के लिए सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठाये.
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पोस्टमार्टम हाउस में गूंजती रहीं चीखें
पोस्टमार्टम हाउस का दृश्य बेहद मार्मिक रहा. अपने बेटों और परिजनों को खो चुके परिवारों की चीखें हर किसी को विचलित कर रही थीं. कई घरों के कमाने वाले और सपनों को संजोए युवा इस हादसे की भेंट चढ़ गये. अलीगंज अग्निकांड ने न केवल कई परिवारों की खुशियां छीन लीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं.
