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Home Rajya उत्तर प्रदेश यूपी-नेपाल बॉर्डर के चौगुर्जी गांव की बदली तस्वीर, पांटून पुल से घटी दूरी, घर तक पहुंची पानी-शिक्षा

यूपी-नेपाल बॉर्डर के चौगुर्जी गांव की बदली तस्वीर, पांटून पुल से घटी दूरी, घर तक पहुंची पानी-शिक्षा

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यूपी-नेपाल बॉर्डर के चौगुर्जी गांव की बदली तस्वीर, पांटून पुल से घटी दूरी, घर तक पहुंची पानी-शिक्षा
इंडिया-नेपाल बॉर्डर, फोटो AI

Indo Nepal Border: कर्णाली और मोहना नदी पर बने नए पांटून पुल का लोकार्पण जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और निघासन विधायक शशांक वर्मा ने किया. यह पुल सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि चौगुर्जी गांव के लिए जीवन-रेखा साबित होगा. जहां पहले गांव तक पहुंचने में दो घंटे तक का समय लगता था, वहीं अब एंबुलेंस, स्कूल वाहन और आवश्यक सेवाएं कुछ ही मिनटों में उपलब्ध होंगी. यह परिवर्तन सीमांत क्षेत्रों को प्राथमिकता देने वाली योगी सरकार की नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है.

जल जीवन मिशन से बदली जिंदगी, आर्सेनिक मुक्त हुआ गांव

योगी सरकार के जल जीवन मिशन के तहत चौगुर्जी गांव के सभी 109 परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है. वर्षों तक आर्सेनिक युक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीणों के लिए यह सुविधा किसी राहत से कम नहीं. नल से बहता साफ पानी इस बात का प्रतीक बन गया कि सरकारी योजनाएं अब फाइलों से निकलकर जमीन पर उतर चुकी हैं.

सोलर लाइटों से रोशन हुआ सीमांत गांव

गांव की गलियों में अब अंधेरा नहीं, बल्कि विकास की रोशनी है. 20 सोलर स्ट्रीट लाइटों के लोकार्पण से न सिर्फ गांव जगमगा उठा, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक गतिविधियों में भी सकारात्मक बदलाव आया है. यह पहल योगी सरकार की ग्रीन एनर्जी और आत्मनिर्भर ग्राम की
सोच को दर्शाती है.

शिक्षा को मिली नई उड़ान, बच्चों के सपनों को पंख

चौगुर्जी के परिषदीय विद्यालयों में सौर ऊर्जा व्यवस्था, स्मार्ट क्लास और आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराए गए हैं. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सीमांत गांव का बच्चा भी वही शैक्षणिक अवसर पाएगा, जो शहरों में उपलब्ध हैं. डिजिटल शिक्षा से जुड़कर अब गांव के बच्चे भी देश की मुख्यधारा में आगे बढ़ेंगे.

ग्रामीणों की जुबानी – यह सिर्फ विकास नहीं, सम्मान है

गांव के लोगों ने भावुक होकर कहा कि दशकों बाद उन्हें सड़क, पुल, साफ पानी, रोशनी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं मिली हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधायक और जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने उनके गांव को नई पहचान दी है. चौगुर्जी गांव की यह बदली तस्वीर लखीमपुर खीरी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चल रहे उस व्यापक बदलाव की कहानी कहती है, जहां योगी सरकार के नेतृत्व में अब सीमा, दूरी और संसाधनों की कमी विकास की राह में बाधा नहीं बन रही.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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