[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Rajya उत्तर प्रदेश रेलवे कर्मचारी ने बनाई अपनी करेंसी फैक्ट्री… पूरा नेटवर्क जानकर उड़ जाएंगे होश!

रेलवे कर्मचारी ने बनाई अपनी करेंसी फैक्ट्री… पूरा नेटवर्क जानकर उड़ जाएंगे होश!

0
रेलवे कर्मचारी ने बनाई अपनी करेंसी फैक्ट्री… पूरा नेटवर्क जानकर उड़ जाएंगे होश!

Fake Currency Factory: उत्तर प्रदेश के पिलखुवा में रेलवे कर्मचारी गजेंद्र यादव ने दो साथियों के साथ मिलकर नकली भारतीय मुद्रा छापने का बड़ा रैकेट खड़ा कर दिया था. किराए के मकान में बन रही इन जाली करेंसी की सप्लाई प्रदेश के कई जिलों में की जा रही थी. एटीएस ने तीनों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया और 3.90 लाख रुपये की नकली मुद्रा बरामद की.

बुलंदशहर का पॉइंट्समैन, दिल्ली-गाजीपुर और बुलंदशहर से जुड़ा नेटवर्क

गजेंद्र यादव, बुलंदशहर के गजौरी गांव निवासी है और पिलखुवा के लाखन रेलवे स्टेशन पर पॉइंट्समैन के पद पर कार्यरत था. उसके साथ पकड़े गए आरोपी हैं- सिद्धार्थ झा (गाजीपुर, नई दिल्ली) और विजय वीर चौधरी (रसूलपुर, बुलंदशहर). तीनों ने मिलकर नोट छापने, कागज का इंतजाम करने और सप्लाई करने की जिम्मेदारियां आपस में बांट रखी थीं.

पिलखुवा में एटीएस का छापा, कार से मिली जाली करेंसी

पिलखुवा के फरीदनगर-भोजपुर रोड के पास तीनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे नकली नोटों की बड़ी खेप लेकर एक पार्टी को देने जा रहे थे. एटीएस को उनकी कार से 3.90 लाख रुपये की जाली करेंसी मिली है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये गैंग लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में करेंसी सप्लाई कर चुका था.

अलीबाबा से मंगवाते थे नोट छापने वाला खास पेपर

नकली नोट छापने के लिए वाटरमार्क और थ्रेड युक्त खास पेपर शीट की जरूरत होती थी. इस काम की जिम्मेदारी विजय वीर को दी गई थी, जो अलीबाबा डॉट कॉम से यह पेपर ऑनलाइन ऑर्डर करता था और उसे गिरोह तक पहुंचाता था.

लैपटॉप से करता था नोटों की डिजाइन और प्रिंटिंग

जब वाटरमार्क व थ्रेड युक्त पेपर मिल जाता था, तो सिद्धार्थ झा लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरणों की मदद से नोट की डिजाइन तैयार करता और प्रिंटिंग का काम करता था. छपाई के बाद उन्हें असली जैसा दिखाने के लिए और प्रोसेसिंग की जाती थी.

सोशल मीडिया से तलाशते थे ग्राहक, कई जिलों में थी सप्लाई

जाली नोटों को खपाने की जिम्मेदारी गजेंद्र यादव के पास थी. वह सोशल मीडिया के जरिए अलग-अलग जिलों में खरीददार ढूंढ़ता था और वहीं सप्लाई करता था. सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हुए यह गैंग धीरे-धीरे अपने नेटवर्क को विस्तार देता जा रहा था.

चार दिन की छुट्टी लेकर घर गया, फिर नहीं लौटा ड्यूटी पर

गजेंद्र यादव बेहद शालीन और मिलनसार स्वभाव का बताया गया है.उसने चार दिन की छुट्टी ली थी और घर चला गया, लेकिन पांचवें दिन ड्यूटी पर नहीं लौटा. इस पर उसके पिता खुद पिलखुवा स्टेशन पर पूछताछ करने पहुंचे थे. अधिकारियों ने भी माना कि उन्हें कभी गजेंद्र पर ऐसा शक नहीं हुआ. जानकारी ये भी सामने आई है कि एक आरोपी की पत्नी यूपी पुलिस में सिपाही है.

एटीएस ने बरामद किया हाइटेक उपकरण और सामग्री

लखनऊ एटीएस ने आरोपियों के पास से 3.90 लाख रुपये की जाली मुद्रा बरामद की है. इसके अलावा ₹500 के अर्धनिर्मित पांच नोट भी मिले हैं. छपाई के लिए प्रयोग होने वाले छह टेप रोल, दो सिक्योरिटी थ्रेड पेपर, दो लैपटॉप और तीन प्रिंटर भी जब्त किए गए हैं. इनके साथ एक लेमिनेशन मशीन, एक कटर ब्लेड और मेटल पेपर कटर भी मिला है. नोटों की छपाई में काम आने वाली चार इंक की बोतलें, एक सोना कोट स्याही, तीन डाई और दो स्प्रे भी बरामद की गईं. गैंग के पास से 103 सिक्योरिटी शीट, पांच मोबाइल फोन, दो पेन ड्राइव और एक कार भी जब्त की गई है.

एटीएस ने की है कार्रवाई

इस पूरे प्रकरण की कार्रवाई एटीएस द्वारा की गई है. मामले की विस्तृत जानकारी एटीएस मुख्यालय के पास है. पिलखुवा की सीओ अनीता चौहान ने बताया कि इस गिरोह को रंगे हाथ पकड़ा गया है और आगे की जांच जारी है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel