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Home Rajya उत्तर प्रदेश AMU Holi Row: एएमयू में होली मिलन पर बवाल! करणी सेना का ऐलान, 10 मार्च को कैंपस में खेलेंगे होली

AMU Holi Row: एएमयू में होली मिलन पर बवाल! करणी सेना का ऐलान, 10 मार्च को कैंपस में खेलेंगे होली

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AMU Holi Row: एएमयू में होली मिलन पर बवाल! करणी सेना का ऐलान, 10 मार्च को कैंपस में खेलेंगे होली
AMU Holi Row, ANI

AMU Holi Row: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के खिलाफ गुरुवार को करणी सेना सड़क पर उतर गई. करणी सेना का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने होली मिलन समारोह करने से मना कर दिया है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले हिंदू छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से होली मिलन समारोह करने की इजाजत मांगी थी, जिसे एएमयू प्रशासन ने खारिज कर दिया. एएमयू प्रशासन का कहना है कि ऐसी कोई भी अनुमति नहीं दी जाएगी. कैंपस में कोई भी नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी. विश्वविद्यालय पुरानी परंपरा पर ही कायम रहेगा. इसके खिलाफ अखिल भारतीय करणी सेना के सदस्यों ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों ने 9 मार्च को होली मिलन कार्यक्रम करने की अनुमति मांगी थी.

करणी सेना के अध्यक्ष ने क्या कहा

प्रदर्शन के बीच अखिल भारतीय करणी सेना के अध्यक्ष यानेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि एएमयू प्रशासन के इस फैसले से छात्रों में नाराजगी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन इजाजत नहीं देता है तो हम एएमयू में घुसकर छात्रों के साथ होली मनाएंगे. “एएमयू के कुछ छात्रों ने एएमयू प्रशासन से होली मिलन समारोह करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन यूनिवर्सिटी ने इससे इनकार कर दिया है. आज हमने पीएम को संबोधित करते हुए डीएम को ज्ञापन दिया है, जिसमें कहा गया है कि एएमयू में हिंदू छात्रों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है. अगर इजाजत नहीं मिली तो 10 मार्च को हम एएमयू में घुसकर छात्रों के साथ होली मनाएंगे.”

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छात्रों ने मांगी थी होली मिलन समारोह करने की इजाजत

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हिंदू छात्रों ने 25 फरवरी को वाइस चांसलर से आवेदन दिया था. छात्रों ने अपने आवेदन में एएमयू प्रशासन से 9 मार्च को यूनिवर्सिटी एनआरएससी क्लब में होली मिलन समारोह मनाने की इजाजत मांगी थी. एएमयू प्रशासन ने आवेदन को खारिज कर दिया. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र अखिल कौशल ने बताया कि 25 फरवरी को एएमयू छात्रों ने एएमयू वीसी को पत्र लिखकर 9 मार्च को होली मिलन कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी. लेकिन, अब तक हमें इसकी अनुमति नहीं दी गई है.”

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्या कहा?

छात्रों के आवेदन पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने कहा कि “26 फरवरी को पांच छात्रों ने मुझे कुलपति को संबोधित एक हस्ताक्षरित पत्र दिया था, जिसमें वीसी से अनुरोध किया गया था कि वे उन्हें 9 मार्च को होली समारोह के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एक स्थान दे. विश्वविद्यालय ने फैसला किया कि चूंकि पहले कभी ऐसी कोई विशेष अनुमति नहीं दी गई है, इसलिए अब भी इसका पालन किया जाएगा. विश्वविद्यालय में छात्र अपने संबंधित विभागों और छात्रावास में होली मनाते हैं. विश्वविद्यालय किसी भी विशेष उत्सव के लिए अनुमति देने के पक्ष में नहीं है.”

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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