Fertilizer Crisis: मांग के सापेक्ष सरकारी एजेंसियों पर डीएपी खाद की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. कई जिलों में डीएपी को लेकर मारामारी है. कालाबाजारी की भी शिकायतें है. निजी दुकानों पर ऊंची कीमतों पर डीएपी बेची जा रही है. इसके उलट अधिकारी खाद संकट से इन्कार करके कोरे दावों की फसल लहलहाने का काम कर रहे है.