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Home Rajya ओडिशा Rourkela News: एनआइटी राउरकेला में विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित अभिनव उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

Rourkela News: एनआइटी राउरकेला में विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित अभिनव उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

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Rourkela News: एनआइटी राउरकेला में विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित अभिनव उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

Rourkela News: स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) राउरकेला में फाउंडेशन फॉर टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस इनक्यूबेशन (एफटीबीआइ) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने हाथ मिलाया है. इसके तहत एनआइटी राउरकेला में एक सहायक प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर (टीबीआइ) स्थापित करने के लिए एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया.

एनआइटी राउरकेला के बोर्ड रूम में आयोजित हुआ समारोह

एमसीएल ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत इस पहल के लिए 4.65 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है. एमओयू हस्ताक्षर समारोह एनआइटी राउरकेला के बोर्ड रूम में आयोजित किया गया. एनआइटी के निदेशक प्रो के उमामहेश्वर राव और बिचित्रानंद बेहेरा, महाप्रबंधक (सीएसआर), एमसीएल ने समझौते को औपचारिक रूप दिया. रोहित सिंह सहायक प्रबंधक (सीएसआर), एमसीएल भी हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए. एमओयू पर औपचारिक हस्ताक्षर के बाद प्रो मनोज कुमार मिश्रा (अध्यक्ष, एफटीबीआइ) ने 2019 से निरंतर समर्थन के लिए एमसीएल का आभार जताया.

महिला उद्यमियों को समर्थन देने पर विशेष जोर

प्रो मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि एफटीबीआइ-एनआइटीआर एफटीबीआइ को विकसित करने में अपने उदार समर्थन के लिए महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के प्रति अपनी हार्दिक प्रशंसा व्यक्त करता है, जो एनआइटी राउरकेला में इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में काम करने वाली सेक्शन-8 नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी है. इस परियोजना का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित अभिनव उद्यमों को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और एनआइटी राउरकेला के संकाय, छात्रों और एफटीबीआइ में इनक्यूबेट किये गये अन्य उद्यमियों द्वारा विकसित तकनीकी प्रगति का लाभ उठाना है, जिसमें महिला उद्यमियों को समर्थन देने पर विशेष जोर दिया गया है. कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर राव द्वारा बिचित्रानंद बेहेरा और रोहित सिंह को उनके योगदान के लिए प्रशंसा के प्रतीक के रूप में सम्मानित करने के साथ हुआ. यह साझेदारी प्रौद्योगिकी-संचालित उद्यमिता को आगे बढ़ाने, आर्थिक अवसर पैदा करने और क्षेत्र में एक मजबूत नवाचार संस्कृति के निर्माण के लिए साझा प्रतिबद्धता को उजागर करती है.

प्रयोगशालाओं की स्थापना, उपकरण खरीदने के लिए फंड का होगा उपयोग

कार्यक्रम में उपस्थित एनआइटी राउरकेला के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों में प्रो एसके प्रतिहार (डीन, एसआरआइसीसीइ), प्रो प्रदीप सरकार (डीन, योजना और विकास), प्रो रोहन धीमान (रजिस्ट्रार) और प्रो रंजीत कुमार साहू (एफटीबीआइ के कौशल विकास प्रमुख) शामिल थे. इस फंडिंग का उपयोग उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र (एमसीएल द्वारा संचालित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए) को फैलाने और बढ़ाने, प्रयोगशालाओं की स्थापना, कार्निवल आयोजित करने और एफटीबीआइ के समुचित संचालन के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए किया जायेगा. डीप-टेक स्टार्टअप्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए दो विशेष प्रयोगशालाओं की योजना बनायी गयी है, जो अत्याधुनिक नवाचार के लिए बुनियादी ढांचा और संसाधन प्रदान करती हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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