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Jharsuguda News: झारसुगुड़ा और कनकतुरा के बीच एनएच-49 पर जान हथेली पर रखकर यात्रा कर रहे लोग

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Jharsuguda News: झारसुगुड़ा और कनकतुरा के बीच एनएच-49 पर जान हथेली पर रखकर यात्रा कर रहे लोग

Jharsuguda News: राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर झारसुगुड़ा और कनकतुरा के बीच यात्रा करना खतरनाक हो गया है. यात्री इस खंड में सड़क की बिगड़ती स्थिति से भयभीत हैं. भारी वाहनों के परिचालन के कारण बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम ने छत्तीसगढ़ सीमा तक के 70 किलोमीटर के हिस्से को असुरक्षित बना दिया है, खासकर बारिश के मौसम में. यह खतरनाक स्थिति रायगढ़ (छत्तीसगढ़) और कनकतुरा, झारसुगुड़ा के बीच भारी वाहनों के यातायात के बावजूद बनी हुई है.

जलभराव से वाहनों के फिसलने का रहता है खतरा

यात्रियों का कहना है कि डामर की सतह कई जगहों से उखड़ गयी है, जिससे गहरे गड्ढे बन गये हैं. खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण जलभराव स्थिति को और खराब कर देता है और अक्सर वाहनों के फिसलने या खराब होने का कारण बनता है. इस खंड में अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे यात्रा करना अपनी जान जोखिम में डालने जैसा प्रतीत होता है. भारी वाहनों को मोड़ और संकरे हिस्सों में अवैध रूप से पार्किंग करने से समस्या और बढ़ जाती है. ट्रक अक्सर फंस जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और खतरनाक बॉटल नेक बनते हैं.

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में होती है चर्चा, नहीं की जाती है कार्रवाई

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में बार-बार चर्चा और भारी जुर्माना लगाने के फैसलों के बावजूद आरटीओ और पुलिस द्वारा प्रवर्तन ढीला रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही ने एनएच-49 को एक मौत का जाल बना दिया है. गांधी चौक नंबर-9, बेलपहाड़ ओवरब्रिज चौक और ईब सेतु जैसे महत्वपूर्ण बिंदु दुर्घटना-संभावित क्षेत्र बन गये हैं. यह राजमार्ग ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच एक प्रमुख परिवहन लिंक है, इसलिए यात्रियों को डर है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के तत्काल हस्तक्षेप के बिना स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे और अधिक घातक दुर्घटनाएं हो सकती हैं. निवासियों ने अधिकारियों से सतह को ठीक करने, जल निकासी में सुधार और अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त प्रवर्तन के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है. जब तक त्वरित उपाय नहीं किये जाते, एनएच-49 हजारों दैनिक यात्रियों के लिए एक खतरनाक बना रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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