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Rourkela News : रोजगार के नाम पर तमिलनाडु भेजी गयीं युवतियों का उत्पीड़न

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Rourkela News :  रोजगार के नाम पर तमिलनाडु भेजी गयीं युवतियों का उत्पीड़न

अभिभावकों ने प्रशासन से की शिकायत, युवतियों को गांव वापस लाने की मांग

Rourkela News : शिक्षण व रोजगार के नाम पर जिले व राज्य से बाहर भेजी गयी सुंदरगढ़ की लड़कियों से ठगी व उत्पीड़न का आरोप लगा है. लेफ्रिपाड़ा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से तमिलनाडु भेजी गयीं 90 युवतियों के माता-पिता ने वहां उनका उत्पीड़न किये जाने का आरोप लगाते हुए उन्हें गांव वापस लाने की मांग करते हुए जिलापाल को लिखित आवेदन दिया है. दूसरी ओर हेमगिर ब्लॉक लइकेरा पंचायत की 18 लड़कियों को कटक के एक प्रशिक्षण संस्थान में हिरासत में रखने का आरोप लगाया गया है. तमिलनाडु से जबरन भेजने की कोशिश कर रही एजेंसी लड़कियों को घर लौटने के लिए 39,000 रुपये देने के लिए मजबूर कर रही है. इस संबंध में अभिभावकों ने हेमगिर बीडीओ व पुलिस स्टेशन के समक्ष प्रदर्शन कर बच्चियों को छुड़ाने की गुहार लगायी है. लइकेरा पंचायत के अभिभावकों की शिकायत के अनुसार लइकेरा और आसपास के गांवों की 18 लड़कियों को 22 अक्तूबर को बस से कटक भेजा गया था, यह कहते हुए कि राज्य सरकार की विभिन्न कौशल विकास योजनाओं में प्रशिक्षण और रोजगार प्रदान किया जायेगा. उन्हें यह कहकर कटक के निश्चिंतकोइली खंडसाही इलाके में एक प्रशिक्षण केंद्र में सिलाई प्रशिक्षण लेने के लिए मजबूर किया गया कि उन्हें कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जायेगा. यह बताये जाने पर कि प्रशिक्षण के बाद उन सभी को तमिलनाडु भेजा जायेगा, जिससे अनिच्छुक लड़कियां घर वापस जाना चाहती थीं. लेकिन उन्हें ट्रेनिंग सेंटर में रखा गया है. सभी को अनुबंध के तहत लाया गया है. माता-पिता ने शिकायत में कहा कि जो लोग तमिलनाडु छोड़ने से इनकार करेंगे, उन्हें 39,000 रुपये का भुगतान करने पर रिहा कर दिया जायेगा. वहीं, कुछ माता-पिता यह सुनकर कटक प्रशिक्षण केंद्र गये कि किस प्रकार केंद्र का प्रबंधक पैसों के लिए लड़कियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है. पहले तो वहां लड़कियों को मिलने की इजाज़त नहीं थी.निश्चिंतकोईली पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने के बाद माता-पिता को मिलने की अनुमति दी गयी. अभिभावकों पर मैनेजर पर पैसे देकर लड़कियों को ले जाने के लिए कहने का भी आरोप है. माता-पिता के वापस आने और बीडीओ को इस बारे में बताने के बाद उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि लड़कियों को वापस लाया जाएगा. लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उधर, खबर है कि सेंटर का मैनेजर पैसे न देने पर लड़कियों को तमिलनाडु भेजने की धमकी दे रहा है. इसलिए माता-पिता ने लड़कियों को तुरंत बचाने का अनुरोध किया.

गौरतलब है कि इससे पहले सरकार के कौशल विकास कार्यक्रम में प्रशासन ने अलपाका, राजबहाल, गुंडियाडीही, मशाबीरा, सराफगढ़, रायडीह, गिरिंगकेला, दर्लीपाली की 90 लड़कियों को कंप्यूटर और सिलाई प्रशिक्षण के लिए कटक भेजा था. कटक में कम्प्यूटर प्रशिक्षण के स्थान पर केवल सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाता था. 45 दिनों के बाद, उन्हें कटक से तिरुपुर, तमिलनाडु ले जाया गया, जहां उन्हें केटीआर की यूनिट -4 में नियुक्त किया गया, जो कपड़े बनाती है. आरोप था कि युवतियों से सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक काम कराया जाता था और एक घंटे का लंच ब्रेक दिया जाता था. युवा महिलाएं थकी हुई और बीमार हो रही हैं इसलिए माता-पिता ने जिलापाल से उन्हें तुरंत वापस लाने का अनुरोध किया.

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